हमास के क्रूर कमांडर मोहम्मद अबू वर्दा का गाजा में खौ़फनाक खुलासा, 2 मासूमों के शव के साथ की थी उपस्थिति
गाजा में हमास के सबसे क्रूर और कुख्यात कमांडर मोहम्मद अबू वर्दा को हाल ही में 2 मासूम बच्चों के शव के साथ देखा गया, जिससे एक बार फिर हमास के मानवाधिकार उल्लंघनों की परतें उजागर हो गई हैं। इजराइली मीडिया ने बताया कि यह शव हमास द्वारा इजराइल के साथ समझौते के तहत सौंपे गए थे, लेकिन यह शवों की अदला-बदली से जुड़ा विवाद अब बढ़ता जा रहा है। इजराइल ने इन मौतों के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हमास इन मौतों का आरोप इजराइल पर लगा रहा है।
गुरुवार को, इजराइल और हमास के बीच हुई एक संवेदनशील अदला-बदली के तहत, रेड क्रॉस के माध्यम से इजराइल को 2 मासूम बच्चों और 2 वयस्कों के शव भेजे गए थे। इन शवों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, और वर्दा की उपस्थिति इस पूरी स्थिति को और जटिल बना देती है।
हमास के सबसे कुख्यात चेहरा की वापसी
कान मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद अबू वर्दा को गाजा में एक उच्चस्तरीय मीटिंग के दौरान सबसे आगे देखा गया। यहां पत्रकारों से बात करते हुए उसने कहा कि “जब तक येरूशलेम की जमीन हम वापस नहीं पा लेंगे, तब तक हमास का ऑपरेशन जारी रहेगा।” हाल ही में इजराइल की गिरफ्त से छूटकर वर्दा फिलिस्तीन लौट आया था, और अब वह खुलेआम संघर्ष की नई धमकियां दे रहा है।
अबू वर्दा का खौ़फनाक इतिहास
अबू वर्दा का नाम इजराइल के खिलाफ किए गए कई रक्तपातों से जुड़ा हुआ है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्दा अब तक 45 इजराइली नागरिकों की हत्या कर चुका है। उसकी पहली बड़ी कारवाई 1996 में येरूशलेम में हुए बम विस्फोट के रूप में सामने आई थी, जिसमें 24 इजराइली नागरिकों की जान चली गई थी। हालांकि, उस घटना के बाद वर्दा को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में एक समझौते के तहत उसे रिहा कर दिया गया था।
वर्दा, जो हमास की सशस्त्र शाखा का पूर्व कमांडर है, ने इजराइल के खिलाफ कई आक्रमक ऑपरेशनों में भाग लिया है। इस कारण इजराइल के लिए वह एक बड़ा दुश्मन बन चुका है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती रही है।
मिस्र ने किया था शरण देने से इंकार
वर्दा को इजराइल से रिहा होने के बाद, वह मिस्र जाने की योजना बना रहा था, लेकिन मिस्र ने उसे शरण देने से मना कर दिया। खबरों के मुताबिक, मिस्र ने इसे अपने देश में शरण देकर इजराइल से दुश्मनी मोल लेने से बचने की कोशिश की है। अब वर्दा को अपने जीवन की सुरक्षा को लेकर लगातार खौ़फ सता रहा है, क्योंकि इजराइल उसे किसी भी वक्त अपनी गिरफ्त में ले सकता है।
विवादास्पद शव सौंपे जाने का मामला
इस बीच, इजराइल और हमास के बीच शवों की अदला-बदली से जुड़ा एक नया विवाद सामने आ रहा है। इजराइल का कहना है कि एक शव धोखे से सौंपा गया है, जो कि असल में नहीं था। यह विवाद दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी को और गहरा कर रहा है, और इसने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, अबू वर्दा की सक्रियता और उसके खौ़फनाक इतिहास ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं कि क्या हमास के इस प्रकार के कृत्य अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक और बड़ी चुनौती बन सकते हैं। अब यह देखना होगा कि इस विवाद का अंत कैसे होता है और क्या इन शवों के सौंपे जाने से संबंधित आरोपों की जांच में कोई बड़ा खुलासा होता है।
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