April 17, 2026

खत्म होगा 12% और 28% का GST स्लैब, केंद्र के प्रस्ताव को GOM ने किया स्वीकार

सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र के प्रस्ताव पर बनी मंत्रियों की समिति (GoM) ने मौजूदा चार जीएसटी स्लैब को घटाकर केवल दो मुख्य स्लैब करने का समर्थन किया है। इसका मतलब है कि अब 12% और 28% का जीएसटी स्लैब खत्म कर दिया जाएगा और केवल 5% और 18% के स्लैब लागू रहेंगे। इस फैसले से कर प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा और आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय मंत्रिसमूह की बैठक हुई। इसमें यह तय किया गया कि जरूरी और आम उपभोग की वस्तुओं पर 5% जीएसटी लागू होगा, जबकि अधिकतर मानक वस्तुओं और सेवाओं पर 18% की दर रहेगी। हालांकि, लग्जरी और महंगी वस्तुओं को लेकर एक अलग श्रेणी बनाई जाएगी, जिसमें 40% तक कर लगाने का सुझाव दिया गया है। इससे लग्जरी कार, महंगे उत्पाद और कुछ हानिकारक वस्तुएं इसी श्रेणी में रखी जाएंगी।

GoM की बैठक में शामिल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और केरल के वित्त मंत्रियों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। उनका मानना है कि इससे कर प्रणाली और पारदर्शी बनेगी, टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और टैक्स का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस सुधार से व्यापारियों को टैक्स प्रक्रिया में आसानी होगी और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस नए ढांचे से आम जनता को सीधा फायदा होगा। उनके मुताबिक, जो वस्तुएं पहले 12% की दर पर आती थीं, उनमें से करीब 99% अब 5% स्लैब में आ जाएंगी। वहीं, 28% वाले स्लैब की लगभग 90% वस्तुएं अब 18% की श्रेणी में शिफ्ट हो जाएंगी। इसका असर यह होगा कि कई वस्तुओं की कीमतें घटेंगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से न केवल टैक्स प्रणाली सरल होगी बल्कि देश में व्यापारिक माहौल भी और बेहतर बनेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से जीएसटी सुधार की मांग हो रही थी और अब यह कदम टैक्स ढांचे को संतुलित करने के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी सकारात्मक असर डालेगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बदलाव का सीधा असर बाजार और महंगाई पर किस तरह पड़ता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!