April 30, 2026

Google का बड़ा AI दांव: Windsurf की टेक्नोलॉजी का लाइसेंस और टॉप टैलेंट DeepMind में शामिल, OpenAI से छीनी बाजी

AI और टेक्नोलॉजी जगत में Google की पेरेंट कंपनी Alphabet ने एक बड़ा कदम उठाते हुए AI कोडिंग स्टार्टअप Windsurf की टेक्नोलॉजी का लाइसेंस ले लिया है और इसके CEO वरुण मोहन और को-फाउंडर डगलस चेन को अपनी AI यूनिट DeepMind में शामिल कर लिया है।

इस डील के तहत Google ने Windsurf में कोई इक्विटी नहीं खरीदी, लेकिन टेक्नोलॉजी और टैलेंट को अपने सिस्टम में लाकर Gemini जैसे AI मॉडल्स को और पावरफुल बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।

OpenAI की डील क्यों टूटी?

Windsurf को लेकर पहले OpenAI ने करीब 3 अरब डॉलर की डील की तैयारी की थी, लेकिन यह सौदा OpenAI और Microsoft के बीच मतभेद के चलते टूट गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI नहीं चाहता था कि Microsoft को Windsurf की टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिले, जबकि Microsoft अक्सर OpenAI के मॉडल्स का गहरा एक्सेस रखता है।

जब डील की एक्सक्लूसिविटी खत्म हुई, तो Windsurf ने अन्य कंपनियों से बातचीत शुरू की और Google ने बिना देर किए इस मौके को भुना लिया।

Windsurf क्या करता है?

Windsurf एक AI-आधारित कोडिंग असिस्टेंट स्टार्टअप है जिसकी शुरुआत 2021 में हुई थी। इसका टूल नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग की मदद से डेवेलपर्स को कोड लिखने में सहायता करता है, जिससे कोडिंग का काम तेज और आसान हो जाता है। यह स्टार्टअप Greenoaks Capital और AIX Ventures से अब तक $200 मिलियन की फंडिंग उठा चुका है।

Google को क्या फायदा मिलेगा?

Windsurf की टीम DeepMind में शामिल होने से Google को एजेंटिक कोडिंग (Agentic Coding)—यानी AI के जरिए अपने आप कोड जनरेट करने की क्षमता—में बड़ा फायदा मिलेगा। DeepMind पहले से ही Google के लिए एडवांस्ड AI मॉडल्स जैसे Gemini पर काम कर रहा है और Windsurf का टेक्नोलॉजिकल इनपुट इस विकास को और तेज कर देगा।

क्यों है ये डील खास?

यह कदम OpenAI और Microsoft के बढ़ते प्रभाव को टक्कर देने के लिए Google की रणनीतिक चाल मानी जा रही है। Windsurf की तकनीक और टैलेंट Google को कोडिंग AI स्पेस में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। Google के प्रवक्ता Chris Pappas ने भी पुष्टि की है कि Gemini को बेहतर बनाने के लिए निवेश जारी रहेगा और Windsurf की टीम DeepMind में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह डील AI इंडस्ट्री में नए पॉवर शिफ्ट की शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है, जहां Google ने OpenAI से एक अहम टेक लीड छीन ली है।

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