गोल्ड की कीमतों ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड, क्या सोना 1 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंचेगा?
सोने की कीमतों ने एक बार फिर से नया रिकॉर्ड कायम किया है, और निवेशक अब यह सोचने को मजबूर हैं कि क्या गोल्ड की कीमतें वाकई 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंचने वाली हैं? मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमतों ने 88,000 रुपये के स्तर को पार किया, और अब यह 88,500 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई हैं। यह तेजी अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक हैं, जिनके कारण गोल्ड की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है।
गोल्ड की कीमतों ने तोड़ा नया रिकॉर्ड
सोने की कीमतें मंगलवार को एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। MCX पर सोने की कीमतें 88,367 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गईं, जबकि कारोबार के दौरान यह 88,499 रुपये प्रति दस ग्राम तक चली गई थीं। यह कीमत पिछले दिन की तुलना में लगभग 344 रुपये प्रति दस ग्राम ज्यादा थी, जब सोने की कीमत 88,023 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुई थी। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने के दाम में साल की शुरुआत से ही 14.25 प्रतिशत यानी लगभग 11,000 रुपये का इजाफा हुआ है, और यह वृद्धि लगातार जारी है।
सोने की कीमतों का तेजी से बढ़ना, क्या है वजह?
इस बढ़ोतरी के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी पॉलिसी मीटिंग, जो 18 मार्च से शुरू होने जा रही है। 19 मार्च को फेड पॉलिसी रेट में बदलाव का ऐलान कर सकता है। निवेशक इस बार उम्मीद कर रहे हैं कि फेड 0.25 प्रतिशत तक पॉलिसी रेट में कटौती कर सकता है, जिससे सोने की कीमतों में और तेजी आने की संभावना बन रही है।
इसके अलावा, वैश्विक परिस्थितियाँ भी सोने के दामों को प्रभावित कर रही हैं। यूएस डॉलर में कमजोरी, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, और अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर की स्थिति ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड की ओर आकर्षित किया है। साथ ही, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार गोल्ड की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे डिमांड में भी इजाफा हुआ है।
MCX और न्यूयॉर्क में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि
भारत के वायदा बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमतों का दबदबा दिख रहा है। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत 17 डॉलर प्रति औंस की तेजी के साथ 3,023 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसके अलावा, गोल्ड स्पॉट की कीमत भी 17 डॉलर प्रति औंस बढ़कर 3,017.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। यूरोपीय और ब्रिटिश बाजारों में भी सोने की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है। यूरोपीय बाजार में गोल्ड की कीमत 17 यूरो बढ़कर 2,764.44 यूरो प्रति औंस हो गई है, और ब्रिटिश बाजार में यह 14 पाउंड की बढ़त के साथ 2,323.68 पाउंड प्रति औंस पर पहुंच गई है।
एक लाख रुपये के लक्ष्य से कितना दूर है गोल्ड?
MCX पर गोल्ड के दाम 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंचने के लिए अभी 11,500 रुपये प्रति दस ग्राम की और बढ़ोतरी की जरूरत है। इसका मतलब है कि गोल्ड की कीमतों में करीब 13 प्रतिशत की और तेजी आ सकती है, जिससे यह 1 लाख रुपये के आंकड़े तक पहुंच सकता है। अगर गोल्ड की कीमतें इसी गति से बढ़ती रहीं, तो आने वाले 75 दिनों में इसकी कीमत 1 लाख रुपये तक जा सकती है। खास बात यह है कि 80 दिन से भी कम समय में गोल्ड की कीमतों में 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले 2-3 महीनों में सोने की कीमतों में और भी तेजी आ सकती है।
क्या निवेशकों को और फायदा मिलेगा?
सोने की कीमतों में ये रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी निवेशकों के लिए खुशी की बात है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह तेजी जारी रहेगी? क्या सोना 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच पाएगा? यह सब कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगा, जिसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, वैश्विक जियो-पॉलिटिकल स्थिति, और गोल्ड के लिए मांग पर आधारित हैं। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि सोने की कीमतों में और भी तेजी आ सकती है, जो निवेशकों को अधिक फायदा दे सकती है।
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में हो रही यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी निवेशकों को एक नई दिशा दे रही है। हालांकि, बाजार की यह तेजी कितनी स्थायी होगी, यह भविष्य के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा। अगर गोल्ड की कीमतों में और वृद्धि होती रही, तो अगले कुछ महीनों में यह 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को भी पार कर सकता है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस समय बाजार के रुझान और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखें।
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