बीते एक साल में सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी का सीधा असर गोल्ड लोन पर देखने को मिला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत तक बैंकों से लिए गए गोल्ड लोन में सालाना आधार पर करीब 125 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दाम बढ़ने से इसकी कोलेटरल वैल्यू बढ़ी, जिससे लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा रकम का लोन मिल सका।
RBI के आंकड़े बताते हैं कि गोल्ड लोन बीते एक साल में सबसे तेजी से बढ़ने वाला लोन सेगमेंट बनकर उभरा है। नवंबर 2023 में जहां गोल्ड लोन का बकाया करीब 89,800 करोड़ रुपये था, वहीं नवंबर 2024 तक यह बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। नवंबर 2025 में यह आंकड़ा और उछलकर करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खास बात यह है कि पिछले छह महीनों में गोल्ड लोन की ग्रोथ लगभग दोगुनी हो गई है।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में आया उछाल है। साल 2025 में सोने के दाम करीब 64 फीसदी तक बढ़े हैं। 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। आईआईएफएल कैपिटल के गोल्ड लोन बिजनेस हेड मनीष मयंक के मुताबिक, सोने की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों की लोन लेने की क्षमता को काफी बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, अब गोल्ड लोन के बाजार में बैंकों ने एनबीएफसी को पीछे छोड़ दिया है। RBI की ट्रेंड्स एंड प्रोग्रेस रिपोर्ट बताती है कि गोल्ड लोन मार्केट में बैंकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50.35 फीसदी हो गई है, जबकि बाकी हिस्सेदारी एनबीएफसी और अन्य वित्तीय कंपनियों के पास है। मुथूट फाइनेंस, मनप्पुरम और आईआईएफएल फाइनेंस इस सेगमेंट के बड़े खिलाड़ी बने हुए हैं।
अन्य लोन सेगमेंट की बात करें तो जीएसटी में कटौती और त्योहारी छूट के चलते व्हीकल लोन में भी मजबूती देखने को मिली है। नवंबर के अंत तक वाहन लोन बढ़कर 6.8 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, पर्सनल लोन, कमर्शियल इमूवेबल एसेट और सर्विसेज सेक्टर में भी दो अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई।
हालांकि, कंज्यूमर लोन सेगमेंट में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली है। अक्टूबर में त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद मांग में कमी आई है, जिसका असर क्रेडिट कार्ड और कुछ पर्सनल लोन कैटेगरी पर पड़ा है। होम लोन की हिस्सेदारी भी मामूली रूप से घटी है, हालांकि ब्याज दरों में कटौती के चलते हाउसिंग सेक्टर को मिलने वाला कुल लोन बढ़कर 31.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सेक्टोरल आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि व्यापार क्षेत्र को दिए गए बैंक लोन में सबसे ज्यादा 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सरकार और RBI की ओर से घोषित राहत उपायों और निर्यातकों को दी गई मोहलत ने इस सेगमेंट को समर्थन दिया है। कुल मिलाकर, सोने की कीमतों में आई तेजी ने गोल्ड लोन को इस समय भारतीय क्रेडिट मार्केट का सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाला सेक्टर बना दिया है।
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