April 21, 2026

गोल्ड-प्राइस में अचानक गिरावट! जानिए 24 कैरेट सोने की नई कीमत और इसके पीछे की बड़ी वजह

सोने की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान आम ग्राहकों को अब थोड़ी राहत मिली है। बीते चार कारोबारी सत्रों में जहां सोना तेज़ी से चढ़कर ₹2700 से ज़्यादा महंगा हो गया था, वहीं अब इसमें बड़ी गिरावट देखी गई है। खासकर दिल्ली में सोने की कीमत 800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम हुई है। साथ ही चांदी भी ₹1,400 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। लेकिन इस गिरावट के पीछे की असल वजह क्या है? और क्या ये गिरावट स्थायी है? आइए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।

ट्रंप की टैरिफ टालने की घोषणा बनी वजह

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया फैसला है। उन्होंने यूरोप पर नए टैरिफ लगाने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड को लेकर तनाव कम हुआ है और गोल्ड जैसी ‘सेफ हेवन’ संपत्तियों की मांग घट गई है।

 

इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी एक और अहम वजह रही है, जिससे ग्लोबल मार्केट में गोल्ड की कीमत नीचे आ गई है।

दिल्ली में कितनी सस्ती हुई कीमत?

 

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक:

 

24 कैरेट सोना अब ₹800 गिरकर ₹98,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।

 

99.5% शुद्धता वाला सोना ₹800 घटकर ₹98,000 प्रति 10 ग्राम रह गया है।

 

चांदी की कीमत भी ₹1,370 गिरकर ₹99,000 प्रति किलोग्राम रह गई है।

 

यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ दिनों में सोना लगातार चढ़ता जा रहा था और आम निवेशक एवं गहना खरीदारों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा था।

 

वैश्विक स्तर पर क्या हो रहा है?

ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोना 45.03 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 1.35% की गिरावट के साथ 3,296.92 डॉलर प्रति औंस रह गया है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय यूनियन द्वारा अमेरिका पर दबाव बनाने से व्यापार वार्ता में हलचल बढ़ी है, जिससे निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर झुकाव कुछ कम हुआ है।

 

जानकार क्या कहते हैं?

कोटक सिक्योरिटीज की AVP-कमोडिटी रिसर्च विशेषज्ञ कायनात चैनवाला के मुताबिक, “गोल्ड की कीमतें 3,350 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई हैं, जो यह दर्शाता है कि अब निवेशक दूसरी आर्थिक रिपोर्ट्स—जैसे अमेरिका के टिकाऊ सामान के ऑर्डर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस डेटा—पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

 

उनका कहना है कि मुद्रास्फीति और वैश्विक शुल्क को लेकर चिंता अभी बनी हुई है, इसलिए इस गिरावट को स्थायी मानना जल्दबाज़ी हो सकती है।

 

अगर आप गोल्ड में निवेश करने या ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए अभी और गिरावट की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में जल्दबाज़ी में निवेश करने की जगह थोड़ी और बाज़ार की स्थिति का इंतज़ार करना बेहतर होगा।

 

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