May 3, 2026

गूगल देगा कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के पैसे, अमेरिका में ‘बायआउट ऑफर’ का ऐलान – जानिए पूरी रणनीति

नई दिल्ली: टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अमेरिका में अपने कई विभागों के कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है, जिसके तहत उन्हें अच्छा-खासा आर्थिक पैकेज मिलेगा। इस पहल को “Voluntary Exit Program” नाम दिया गया है और यह कंपनी की कॉस्ट कटिंग नीति का हिस्सा है।

गूगल ने किन-किन विभागों में दिया ऑफर?

इस बायआउट स्कीम के तहत जिन विभागों को शामिल किया गया है, उनमें Knowledge & Information (K&I), Central Engineering, Marketing, Research, और Communications शामिल हैं। इन विभागों में कार्यरत कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वे कंपनी छोड़ना चाहें, तो उन्हें वित्तीय मुआवजा दिया जाएगा।

2023 से जारी है छंटनी की प्रक्रिया

गौरतलब है कि गूगल ने 2023 में 12,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था और तब से लगातार कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जा रही है। अब यह बायआउट ऑफर उस छंटनी प्रक्रिया को स्वैच्छिक और विनम्र रूप देने का प्रयास है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस ऑफर के तहत कितने कर्मचारी बाहर जाएंगे।

किसे मिलेगा बायआउट ऑफर?

यह ऑफर केवल अमेरिका में स्थित कर्मचारियों के लिए है।

खास तौर पर उन्हें जो ऑफिस के 50 मील के दायरे में रहते हैं, लेकिन फिर भी रिमोट वर्क कर रहे हैं।

कंपनी उन कर्मचारियों को यह विकल्प दे रही है, जिनका प्रदर्शन अपेक्षाओं से कम है या जो स्वयं कंपनी छोड़ना चाहते हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

गूगल के नए फाइनेंस प्रमुख Anat Ashkenazi ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि खर्चों में कटौती (cost cutting) उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। यह रणनीति उसी दिशा में एक कदम है, क्योंकि 2025 में गूगल का फोकस एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश पर केंद्रित है।

K&I यूनिट और निक फॉक्स की भूमिका

गूगल के Knowledge & Information विभाग, जिसमें करीब 20,000 कर्मचारी काम करते हैं, का हाल ही में पुनर्गठन किया गया है। इसकी जिम्मेदारी अब निक फॉक्स को दी गई है। उन्होंने कर्मचारियों को एक मेमो भेजकर कहा है कि जो लोग कंपनी की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे हैं, वे इस बायआउट ऑफर का लाभ उठा सकते हैं।

गूगल का यह कदम न केवल लागत में कटौती की दिशा में है, बल्कि कंपनी के भीतर प्रदर्शन-आधारित छंटनी को स्वेच्छा की शक्ल देने की कोशिश भी है। आने वाले समय में ऐसे और भी कदम देखे जा सकते हैं, क्योंकि गूगल अपनी संरचना को AI युग के अनुकूल बना रहा है।

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