April 17, 2026

गाजियाबाद में बीजेपी विधायक और पुलिस के बीच भिड़ंत, कलश यात्रा पर विवाद बढ़ा, क्या होगा अगला कदम?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर और पुलिस के बीच एक बड़ी झड़प हुई, जब बिना पुलिस की अनुमति के उन्होंने एक कलश यात्रा का आयोजन किया। यह घटना लोनी बॉर्डर के पास हुई, जहां पुलिस ने इस यात्रा को रोकने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद यह धक्का-मुक्की में बदल गया। इस दौरान विधायक नंद किशोर के कपड़े भी फट गए और उन्होंने गंभीर आरोप लगाए।

पुलिस ने क्यों रोकी कलश यात्रा?

नंद किशोर गुर्जर द्वारा आयोजित राम कथा कार्यक्रम से पहले कलश यात्रा निकाली जा रही थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक इस यात्रा के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि 19 मार्च की रात को हितेश गुर्जर के गैर परंपरागत जुलूस की योजना बनाई जा रही थी, जो 20 मार्च को आयोजित किया जाना था। इस सूचना के बाद थाना प्रभारी लोनी बॉर्डर ने हितेश गुर्जर और उनके समर्थकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब फोन रिसीव नहीं हुआ, तब बातचीत 20 मार्च को सुबह हुई। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बताया कि बिना अनुमति के कोई जुलूस नहीं निकाला जा सकता।

इसके बावजूद, नंद किशोर गुर्जर और उनके समर्थक पुलिस से भिड़ गए और कलश यात्रा निकाली। इस विवाद के दौरान बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिसवाले शराब के नशे में धुत होकर उनके साथ मारपीट करने आए थे और उन पर पिस्टल भी तान दी थी। विधायक ने यह भी कहा कि अगर पुलिसवालों ने शराब नहीं पी थी तो वे अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने राम कथा मंच से यह भी कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से उम्मीद है, जिन्होंने श्री राम के मंदिर का निर्माण किया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उत्तर प्रदेश में अत्याचार बढ़ चुका है और कलश यात्रा के दौरान महिलाओं के साथ जो घटनाएं हुईं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस का बयान

पुलिस के मुताबिक, 19 मार्च को उन्हें जानकारी मिली थी कि 20 मार्च को हितेश गुर्जर के द्वारा बिना अनुमति के गैर परंपरागत जुलूस निकाले जाने का कार्यक्रम रखा गया था। इसके बाद, पुलिस ने विधायक से संपर्क कर उन्हें सूचित किया कि बिना अनुमति के इस यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन इसके बावजूद, नंद किशोर और उनके समर्थकों ने पुलिस के आदेशों की अवहेलना करते हुए यात्रा निकाली और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने अब इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

यात्रा में हजारों लोग शामिल

इस विवादित कलश यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल थे, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों थे। बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अपने सिर पर रामचरित मानस रखकर यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा के दौरान, कई लोग राम के नाम का उद्घोष करते हुए एकजुट हो गए थे, जो बाद में पुलिस के विरोध और विवाद का कारण बना।

क्या होगा अगला कदम?

अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस और विधायक के बीच यह विवाद आगे बढ़ेगा? क्या नंद किशोर गुर्जर और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी? और क्या इस विवाद का राजनीतिक असर होगा? फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं अफसरों और नेताओं के बीच टकराव को और बढ़ा सकती हैं, और इससे न केवल स्थानीय राजनीति बल्कि राज्य की राजनीति में भी प्रभाव पड़ सकता है। इस बीच, गाजियाबाद के लोग इस विवाद के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, और देखना होगा कि पुलिस और राजनीति के बीच की यह टकराहट कितनी और गहरी होती है।

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