April 30, 2026

गायत्री जयंती 2025: वेदों की जननी देवी गायत्री का प्रकटोत्सव और उनकी दिव्य महिमा

गायत्री जयंती का महत्व

हर साल ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती इस वर्ष 6 जून 2025 को पवित्र श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। यह दिन देवी गायत्री के प्राकट्य का प्रतीक है, जिन्हें वेदों की जननी और समस्त ज्ञान की देवी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गायत्री मंत्र का जप करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को ज्ञान, धन और शांति की प्राप्ति होती है।

गायत्री देवी का अवतरण कैसे हुआ?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार ब्रह्मा जी किसी यज्ञ में भाग ले रहे थे। उस समय उनकी पत्नी सावित्री उपस्थित नहीं थीं, जबकि धार्मिक कृत्यों में पत्नी की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। इस दुविधा से ब्रह्मा जी को उबारने के लिए देवी गायत्री ने अवतार लिया। ब्रह्मा जी ने गायत्री से विवाह किया और फिर यज्ञ संपन्न किया। इसीलिए उन्हें ब्रह्मा की दूसरी पत्नी भी कहा जाता है।

गायत्री की महिमा और स्थान
देवी गायत्री को चार वेदों, उपनिषदों, और श्रुतियों की जननी माना जाता है। त्रिदेव भी जिनके चरणों में शीश नवाते हैं, वे हैं मां गायत्री। उन्हें ‘वेदमाता’ भी कहा जाता है। पहले गायत्री मंत्र केवल देवताओं तक सीमित था, लेकिन ऋषि विश्वामित्र की कठिन तपस्या के बाद इसे आम जनमानस के लिए सुलभ बनाया गया। आज भी यह मंत्र जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी और शक्तिदायक माना जाता है।

गायत्री मंत्र और उसके लाभ
गायत्री मंत्र:
“ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।”

इस मंत्र के जप से मिलने वाले लाभ:

मानसिक शक्ति और स्थिरता प्राप्त होती है

रोगों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

शिक्षा, धन, यश, कीर्ति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है

अंततः यह मोक्ष की ओर भी ले जाता है

गायत्री मंत्र का नियमित जप क्यों ज़रूरी है?
गायत्री मंत्र का नित्य जाप व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। यह न केवल मस्तिष्क को तेज करता है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है। गायत्री जयंती के दिन अगर श्रद्धा पूर्वक इसका जाप किया जाए, तो यह जीवन की हर बाधा को दूर करने वाला साबित हो सकता है।

इस पावन अवसर पर देवी गायत्री की आराधना कर हम न केवल ज्ञान की ओर अग्रसर होते हैं बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी अनुभव करते हैं।

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