13 साल बाद भारतीय फुटबॉल टीम को मिला देसी कोच, खालिद जमील के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय फुटबॉल को एक नया मोड़ मिला है। 13 साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार टीम इंडिया को फिर से एक भारतीय कोच मिला है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने खालिद जमील को भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। इस फैसले ने न सिर्फ फुटबॉल प्रेमियों को उत्साहित किया है बल्कि देसी टैलेंट को मौका देने की उम्मीद भी जगा दी है।
खालिद जमील, जो हाल ही में इंडियन सुपर लीग की टीम जमशेदपुर एफसी के कोच थे, अब राष्ट्रीय टीम की कमान संभालेंगे। वो स्पेनिश कोच मनोलो मार्केज की जगह लेंगे, जिन्होंने हाल ही में इस्तीफा दिया था। मनोलो के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और भारत कोई बड़ी जीत दर्ज नहीं कर पाया। ऐसे में जमील पर टीम को फिर से जीत की पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
AIFF की तकनीकी समिति ने इस पद के लिए तीन नामों पर विचार किया था—स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन, स्टीफन टारकोविक और खालिद जमील। अंततः घरेलू कोचिंग अनुभव और पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए जमील को यह मौका दिया गया। वह 2017 में आइजॉल एफसी को I-League जिताने वाले पहले भारतीय कोच बने थे। उनकी इसी उपलब्धि ने उन्हें देश भर में लोकप्रिय बना दिया था।
खालिद जमील को हाल ही में लगातार दूसरी बार AIFF का ‘कोच ऑफ द ईयर’ भी घोषित किया गया था। अब उनकी असली परीक्षा 29 अगस्त से शुरू होने वाले नेशंस कप में होगी, जहां भारत का सामना ताजिकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान जैसी टीमों से होगा। यह टूर्नामेंट उनके कोचिंग करियर की दिशा तय कर सकता है।
यह नियुक्ति भारतीय फुटबॉल के लिए एक साहसिक और उम्मीद भरा कदम है। अब देखना होगा कि खालिद जमील देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाने में कितना सफल हो पाते हैं। उनके अनुभव और देशी समझ के साथ टीम इंडिया एक नई शुरुआत करने जा रही है।
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