फर्रुखाबाद जिले के खुदागंज रेलवे स्टेशन के पास देर रात एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई, जब ट्रैक पर अचानक एक गंभीर तकनीकी खामी सामने आई। गुमटी नंबर 128 के पास ट्रेन की पटरी अचानक चटक गई, जिससे रेल संचालन में अफरातफरी मच गई। देर रात ड्यूटी पर मौजूद खलासी ने निरीक्षण के दौरान पटरी में आई दरार को देखा और बिना देरी किए इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। तत्परता से मिली जानकारी के चलते मौके पर तुरंत कार्रवाई की गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग और तकनीकी स्टाफ की टीम मौके पर पहुंच गई। उस समय ट्रैक से गुजरने वाली दो ट्रेनों को सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे अधिकारियों ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया। बताया गया कि पटरी में लगभग एक फुट लंबी दरार आई थी, जिसे वेल्डिंग और तकनीकी मरम्मत के जरिए दुरुस्त किया गया। करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद ट्रैक को फिर से सुचारु कर दिया गया और रेल यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, अगर यह दरार कुछ देर बाद सामने आती तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी, क्योंकि उस रूट से रात के समय कई एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। गनीमत रही कि खलासी ने समय रहते स्थिति पर नजर डाल ली और विभाग को सतर्क कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात हुई इस घटना के बाद स्टेशन के आसपास रेल कर्मचारियों और पुलिस की गतिविधियां बढ़ गई थीं। सभी जरूरी एहतियात बरतते हुए क्षेत्र को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया था, ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सके।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए ट्रैक का नियमित निरीक्षण और रखरखाव अनिवार्य है। विभाग ने पूरे क्षेत्र में ट्रैक की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि अन्य हिस्सों में कोई तकनीकी खतरा न रहे। खुदागंज स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए अधिकारियों ने कहा कि उनकी सूझबूझ से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाई। फिलहाल ट्रैक पर आवाजाही सामान्य हो गई है, और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि आमजन किसी भी असामान्य स्थिति को तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन मास्टर को सूचित करें, ताकि ऐसी घटनाओं से होने वाले संभावित हादसों को समय रहते रोका जा सके। खुदागंज स्टेशन की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सतर्कता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी त्रासदी को टाल सकती है।
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