उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना नवाबगंज क्षेत्र के सदिकापुर शुकरूल्लापुर गांव में स्थित *पी एंड ए बायो रिफाइनरी फैक्ट्री* में शनिवार को भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री में बायो डीजल तैयार किया जाता था और तेल की रिफाइनिंग का काम चल रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर करीब *एक सौ से अधिक एलपीजी सिलेंडर* रखे हुए थे, जिनमें से कई धमाके के साथ फट गए। इन धमाकों की आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई दी। लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। आग लगने के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर भागे। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही *जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी* भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए फर्रुखाबाद की चार दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि इन गाड़ियों से उसे काबू में नहीं किया जा सका।
आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने *सेना की दमकल गाड़ी* को बुलाया और साथ ही *मैनपुरी, इटावा और कन्नौज जिलों से भी अतिरिक्त फायर टेंडर* मंगवाए गए। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार दमकल विभाग ने आग पर नियंत्रण पा लिया। आग बुझने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
फिलहाल पुलिस और फायर विभाग की टीमें फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण कर रही हैं और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, *शॉर्ट सर्किट या तेल के रिसाव* से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यह फैक्ट्री जिले की प्रमुख *बायो डीजल रिफाइनरी यूनिट* मानी जाती है। आग से फैक्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन प्रशासन की तत्परता से एक बड़ी त्रासदी टल गई। मौके पर अभी भी सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल तैनात है और इलाके में शांति बनाए रखी गई है।
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