गाना रोमांटिक है, तो तुम मुझे… वो एक्ट्रेस, जिसे पास बुलाकर एक्टर ने सेट पर अंकल बुलाने से कर दिया था मना
मौसमी चटर्जी 70-80 के दशक की एक प्रमुख अभिनेत्री थीं, जिन्होंने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई। वह अपनी बेहतरीन अभिनय की वजह से दर्शकों के बीच काफी मशहूर हुईं और उनकी फिल्मी जोड़ी खासतौर पर जितेंद्र के साथ दर्शकों को बहुत भायी। मौसमी की फिल्मों में अक्सर पारंपरिक भारतीय महिला के किरदार को बखूबी चित्रित किया जाता था, लेकिन उनकी एक फिल्म में एक दिलचस्प और कुछ अलग अनुभव था, जब उन्हें शशि कपूर के साथ रोमांटिक रोल निभाने के लिए चुना गया। इस दौरान सेट पर एक अजीब सी स्थिति उत्पन्न हुई, जो आज भी चर्चा का विषय है।
मौसमी चटर्जी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 1972 में की थी, जब उन्होंने फिल्म ‘अनुराग’ से कदम रखा था। इसके बाद, उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, जिनमें उनका अभिनय दर्शकों द्वारा बहुत सराहा गया। उनके साथ फिल्मी दुनिया में कई दिग्गज कलाकारों ने काम किया, जिनमें जितेंद्र, शशि कपूर, देव आनंद जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। उनकी जोड़ी जितेंद्र के साथ खासतौर पर बहुत हिट रही थी, और दोनों की कैमिस्ट्री को दर्शकों ने बेहद पसंद किया।
हालांकि, जब मौसमी फिल्मों में काम करने आईं, तो उनकी उम्र काफी कम थी। शुरुआती दौर में उनके साथ काम करने वाले अधिकतर अभिनेता उम्र में उनसे काफी बड़े होते थे। इसी वजह से जब वे फिल्में करतीं, तो उनसे उम्र में बड़े अभिनेता उनके अपोजिट कास्ट किए जाते थे। एक ऐसी ही फिल्म में मौसमी चटर्जी को शशि कपूर के साथ रोमांटिक रोल निभाने का मौका मिला। शशि कपूर और मौसमी की यह जोड़ी एक अलग ही रंग में दर्शकों के सामने आई, लेकिन सेट पर एक दिलचस्प घटना हुई, जिसे लेकर दोनों के बीच एक छोटी सी बातचीत हुई।
मौसमी चटर्जी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब वह फिल्म के लिए शशि कपूर के साथ शूटिंग करने आईं, तो पहले ही वह उन्हें सेट पर अंकल कहकर पुकारती थीं, क्योंकि शशि कपूर उनसे काफी उम्र में बड़े थे। यह बात फिल्म के निर्देशक के लिए कोई समस्या नहीं थी, लेकिन जब दोनों को रोमांटिक भूमिका निभानी थी, तो शशि कपूर ने मौसमी से एक विनम्र अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सेट पर उन्हें अंकल कहकर न पुकारें, क्योंकि इससे दर्शकों को रोमांटिक सीन में विश्वास नहीं होगा। शशि कपूर ने मौसमी से कहा कि यह फिल्म के भावनात्मक और रोमांटिक पक्ष को सही से दर्शाने के लिए जरूरी था कि वे दोनों एक-दूसरे को सामान्य तरीके से पुकारें, ताकि फिल्म की विश्वसनीयता बनी रहे।
यह घटना मौसमी चटर्जी के करियर में एक दिलचस्प मोड़ साबित हुई, क्योंकि उन्होंने न केवल एक अभिनेता के अनुरोध को समझा, बल्कि अपने रोल के प्रति अपने समर्पण को भी साबित किया। शशि कपूर के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को बहुत पसंद आई, और दोनों ने अपने अभिनय के जरिए फिल्म के रोमांटिक सीन्स को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया।
इस कहानी से यह भी समझ आता है कि बॉलीवुड के सेट पर सिर्फ अभिनय के अलावा, एक अभिनेता और अभिनेत्री के बीच तालमेल और सही स्थिति की समझ भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। सेट पर किसी अभिनेता या अभिनेत्री के साथ काम करते समय उनके व्यक्तिगत अनुभव और भूमिका के प्रति दृष्टिकोण को समझना, फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाता है।
इस प्रकार, यह घटना न केवल मौसमी चटर्जी और शशि कपूर के पेशेवर रिश्ते को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में किस प्रकार से कलाकारों को अपनी भूमिकाओं के लिए सामंजस्य बैठाने की आवश्यकता होती है, ताकि वह दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना सकें।
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