सुबह का सन्नाटा, और अचानक कांप उठी धरती…
कोलकाता में मंगलवार की सुबह लोग जब गहरी नींद में थे, तभी धरती में हलचल मच गई। भूकंप के तेज झटकों से शहर के कई हिस्सों में दहशत फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 6:10 बजे आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। इसका केंद्र बंगाल की खाड़ी में 91 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
भूकंप के झटकों से लोग अचानक जाग उठे और सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों से बाहर निकल गए। हालाँकि, किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं मिली, लेकिन दहशत का माहौल बना रहा।
झारखंड और ओडिशा में भी महसूस हुए झटके
कोलकाता के अलावा झारखंड की राजधानी रांची और ओडिशा के कई जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भुवनेश्वर, पुरी, पारादीप, बारीपदा, संबलपुर, अनुगुल, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और बालेश्वर में लोग झटकों से सहम उठे। सुबह का वक्त होने के कारण ज्यादातर लोग घरों में थे, लेकिन अचानक आई इस भूगर्भीय हलचल से कई लोग खुले मैदानों की ओर भागते दिखे।
दिल्ली में भी आया था भूकंप
इससे पहले, 17 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वह भूकंप सुबह 5:36 बजे आया था और उसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई थी। केंद्र दिल्ली के पास था और झटकों की वजह से कई इमारतें हिल गई थीं। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए थे।
भले ही इन हालिया भूकंपों से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई हो, लेकिन यह घटनाएँ एक बार फिर याद दिलाती हैं कि प्रकृति कभी भी हमें चौंका सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे झटके बड़े भूकंपों की चेतावनी भी हो सकते हैं, इसलिए सतर्कता और सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।
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