April 17, 2026

Dussehra 2025: घर में लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगी धन-समृद्धि और खुलेंगे किस्मत के ताले

विजयादशमी या दशहरा का पर्व 2 अक्टूबर 2025 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह त्योहार अच्छाई पर बुराई की जीत का प्रतीक माना जाता है। शारदीय नवरात्र के समापन के बाद दशमी तिथि को मां दुर्गा की विदाई और भगवान राम द्वारा रावण पर विजय की याद में यह पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दशहरे के दिन कुछ विशेष वस्तुएं घर लाना बेहद शुभ माना गया है, जो सुख-समृद्धि, धन वृद्धि और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा में मदद करती हैं।

1. शमी का पौधा या पत्ता: शमी का वृक्ष देवताओं का निवास स्थान माना जाता है और यह भगवान राम का प्रिय वृक्ष भी है। दशहरे के दिन शमी के पत्ते या पौधा घर लाकर पूजन करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और कानूनी मामलों में सफलता मिलती है। यदि पौधा उपलब्ध न हो, तो केवल पत्ते लाकर दीपक के साथ पूजन करना भी शुभ माना जाता है।

2. झाड़ू: झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे दशहरे के दिन खरीदना नए शुरुआत का संकेत देता है। इसका प्रयोग घर में दरिद्रता और नकारात्मकता को दूर करने के लिए किया जाता है। नई झाड़ू को पूजा के बाद छिपाकर रखना चाहिए।

3. पीपल का पत्ता: पीपल के पत्ते को पवित्र माना जाता है और यह वास्तु दोष दूर करने में सहायक है। दशहरे के दिन पत्ते को लाल चंदन और अक्षत (बिना टूटे चावल) के साथ मुख्य द्वार पर बांधने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

4. सुपारी और नारियल: सुपारी और नारियल को पूजा में शामिल करने से घर में धन वृद्धि होती है। सुपारी को पूजा के बाद तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखना शुभ माना जाता है।

5. तिल का तेल और लाल चंदन: तिल का तेल शनि दोष को कम करने में मदद करता है, जबकि लाल चंदन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का आशीर्वाद लाने वाला माना जाता है। दशहरे के दिन तिल का तेल और लाल चंदन घर लाकर पूजा के बाद सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।

6. रावण दहन की राख: रावण दहन के बाद बची हुई थोड़ी लकड़ी या राख को घर में लाना शुभ माना जाता है। यह नकारात्मकता को खत्म करती है और धन आगमन के नए मार्ग खोलती है।

इस दशहरा पर इन शुभ चीज़ों को घर लाने से न केवल धन और समृद्धि बढ़ती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और किस्मत के ताले खुलते हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होने के साथ-साथ घर-परिवार में खुशहाली और सौभाग्य लाने का भी अवसर है।

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