क्या एक चाचा अपनी मासूम भतीजी के साथ ऐसा घिनौना अपराध कर सकता है? छत्तीसगढ़ में 6 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या ने समाज को झकझोरा”
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक 24 साल के युवक, जो मासूम बच्ची का चाचा था, ने अपनी 6 साल की भतीजी के साथ न सिर्फ दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया, बल्कि अपनी करतूत को छिपाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद उसने बच्ची की लाश को पड़ोसी की कार में छिपा दिया। यह घटना नवरात्रि के पवित्र दिनों में हुई, जब बच्ची अपनी दादी के घर कन्या भोज के लिए गई थी। यह खबर सुनकर हर कोई सन्न रह गया कि कोई अपने ही परिवार की बच्ची के साथ ऐसा घिनौना कृत्य कैसे कर सकता है?
नवरात्रि का आखिरी दिन बना मासूम के लिए काल
बात 5 अप्रैल की है, जब नवरात्रि का नौवां दिन चल रहा था। दुर्ग के उरला इलाके में रहने वाली 6 साल की मासूम अपनी दादी के घर कन्या भोज के लिए गई थी। परिवार के लिए यह दिन खुशियों का था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह मासूम के लिए आखिरी दिन साबित होगा। जानकारी के मुताबिक, बच्ची जब दादी के घर पहुंची, तब उसकी दादी मंदिर गई हुई थी। घर पर उसका 24 साल का चाचा सोमेश यादव अकेला था। मौके का फायदा उठाते हुए उसने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। अपने इस अपराध को छिपाने के लिए उसने बच्ची की हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
पड़ोसी की कार में छिपाई लाश, पुलिस ने किया खुलासा
अपने कुकर्म को अंजाम देने के बाद सोमेश ने बच्ची के शव को पड़ोसी की कार में छिपा दिया। उसे पता था कि यह कार रोजाना वहां खड़ी रहती है और इसका एक दरवाजा हमेशा खुला रहता है। दूसरी तरफ, जब बच्ची देर रात तक घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। उन्होंने इधर-उधर तलाश शुरू की, लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। दुर्ग के एसीपी सुखनंदन राठौर के अनुसार, पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और रात के समय पड़ोस में खड़ी उस कार में बच्ची की लाश बरामद की। शव पर चोट के निशान थे और मेडिकल रिपोर्ट ने दुष्कर्म की पुष्टि की। यह खुलासा होते ही इलाके में सनसनी फैल गई।
चाचा ने कबूला जुर्म, पुलिस की पूछताछ में सामने आई सच्चाई
पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिसमें कार का मालिक भी शामिल था। पूछताछ के बाद कार मालिक और एक अन्य व्यक्ति को छोड़ दिया गया, लेकिन सोमेश यादव की संलिप्तता सामने आई। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि जब बच्ची घर आई तो वह अकेला था। उसने बच्ची को अकेला पाकर दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर लाश को कार में छिपा दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ रेप, हत्या, अपहरण और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। इस खुलासे ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे समाज को हिलाकर रख दिया।
गुस्साए लोगों ने किया पुलिस पर पथराव, जलाई गाड़ी
इस घटना से स्थानीय लोग और पीड़िता का परिवार इतना आक्रोशित हो गया कि सोमवार को मोहन नगर पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बच्ची के शव के साथ प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर पुलिस ने पहले कार्रवाई की होती तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी। गुस्सा बढ़ता गया और देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
सीएम ने की कड़ी कार्रवाई की बात, परिवार से जताई संवेदना
इस घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख जताया और इसे मानवता को कलंकित करने वाला कृत्य बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “दुर्ग के उरला में मासूम बच्ची के साथ हुई यह अमानवीय घटना निंदनीय है। ऐसे अपराधियों का समाज में कोई स्थान नहीं। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को कठोर सजा मिले।” उन्होंने आगे लिखा कि पुलिस कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मृत बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
समाज में उठ रहे सवाल, क्या है इस क्रूरता की वजह?
यह घटना सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता और नैतिक पतन का दर्पण है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक चाचा अपनी मासूम भतीजी के साथ ऐसा कैसे कर सकता है? क्या परिवार के रिश्तों की पवित्रता अब खत्म हो रही है? इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसी क्रूरता को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी को सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन इस मासूम की मौत ने जो घाव छोड़ा है, उसे भरना शायद कभी मुमकिन न हो।
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