दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान दुर्घटना में शहीद हुए विंग कमांडर नामांश स्याल का पार्थिव शरीर रविवार को कोयंबटूर स्थित सुलूर एयर बेस पहुंचा। यहां एयरफोर्स अधिकारियों और जवानों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सुलूर बेस वही स्टेशन है, जहां शहीद विंग कमांडर तैनात थे और यहीं से तेजस की स्क्वाड्रन संचालित होती थीं।
विंग कमांडर स्याल भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट माने जाते थे और कई महत्वपूर्ण मिशनों में उनकी भूमिका अहम रही थी। तेजस विमान उड़ाने में उनकी महारत के कारण वे एरो शो और डेमो फ्लाइट का हिस्सा बने थे। भारतीय वायुसेना ने कहा कि उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को हमेशा याद किया जाएगा। एयरफोर्स परंपरा के तहत, शहीद अधिकारी को अंतिम संस्कार से पहले उनकी यूनिट में लाया जाता है ताकि साथी सैनिक उन्हें अंतिम सम्मान दे सकें।
यह हादसा 21 नवंबर 2025 को दुबई एयर शो के आखिरी दिन हुआ था, जब भारतीय वायुसेना का तेजस MK-1A विमान लो-लेवल मैन्यूवर के दौरान नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास क्रैश हो गया। हादसे के तुरंत बाद लगी आग में विंग कमांडर स्याल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से भारतीय वायुसेना और देशभर में शोक की लहर है, वहीं सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘वीर सपूत’ कहकर नमन कर रहे हैं।
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