डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ भारतीय रुपया, विदेशी निवेश और कमजोर डॉलर से मिली बढ़त
गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर बंद हुआ। बुधवार को रुपया 85.42 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि गुरुवार को यह 15 पैसे की बढ़त के साथ 85.27 पर बंद हुआ। इस मजबूती के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर, डॉलर यील्ड में गिरावट और विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी जैसे कई कारक अहम रहे। ब्लूमबर्ग डेटा के अनुसार, हालांकि दिन की शुरुआत में रुपये ने कमजोरी दिखाई और यह 85.59 पर खुला, लेकिन बाद में इसमें रिकवरी आई और यह मजबूती के साथ बंद हुआ।
जानकारों के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उससे उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव के कारण शुरुआती कारोबार में रुपये पर दबाव रहा। लेकिन HDFC सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद डॉलर में गिरावट आई है, जिससे रुपये को फायदा मिला। अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट दर्ज की गई, जो 3 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.35 प्रतिशत पर आ गई। साथ ही, डॉलर इंडेक्स—जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है—0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.38 पर बंद हुआ।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भी रुपये को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। बुधवार को विदेशी निवेशकों ने लगातार छठे दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेश जारी रखा और 3,332.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके साथ ही चार दिनों में उनकी कुल खरीदारी 21,200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर भी अमेरिकी नीतियों का असर दिखा। जब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप चीन पर लगाए गए 240 प्रतिशत टैरिफ में कोई ढील नहीं देंगे, तो इस बयान से ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बनी रही। बावजूद इसके भारत में विदेशी फंड्स की आवक और डॉलर की कमजोरी से रुपया दिन के अंत में मजबूती के साथ बंद हुआ।
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