डॉलर के मुकाबले पलटवार कर रहा रुपया! क्या ये लंबे समय तक टिकेगा?
भारतीय रुपया एक बार फिर विदेशी मुद्रा बाजार में मजबूती की ओर लौट रहा है। लंबे समय तक गिरावट का सामना करने के बाद अब रुपये ने डॉलर के मुकाबले 27 पैसे की बढ़त के साथ राहत की सांस ली है। सोमवार को रुपया 84.30 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद स्तर से स्पष्ट तौर पर तेज़ी दर्शाता है। यह सुधार ऐसे वक्त में देखने को मिला है जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह, और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार आमद भारतीय आर्थिक परिदृश्य को मजबूती दे रही है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.45 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 84.10 से 84.47 के दायरे में बना रहा। पिछले सप्ताह शुक्रवार को रुपया सात महीने के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था, हालांकि दिन के अंत में यह 3 पैसे टूटकर 84.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये में आई यह मजबूती तात्कालिक नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों से भी जुड़ी हुई है। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, FII का स्थायी निवेश, कच्चे तेल की कीमतों में 20% से ज्यादा की गिरावट और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी जैसे कई कारण रुपये की सहायता कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत के तेल आयात बिल में आई कमी से भी रुपये को काफी समर्थन मिला है।
इसी तरह, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में लगातार विदेशी निवेश और जोखिम लेने की प्रवृत्ति वाले परिसंपत्तियों की ओर झुकाव से भी रुपये में सकारात्मक ऊर्जा दिख रही है।
इस बीच, वैश्विक स्तर पर भी तेल बाजार में गिरावट का माहौल बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.26 प्रतिशत गिरकर 60.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो पिछले कुछ वर्षों में सबसे निचले स्तरों में से एक है। आपूर्ति अधिक और मांग कमजोर होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों पर भारी दबाव है।
घरेलू शेयर बाजारों की बात करें तो सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 294.85 अंक चढ़कर 80,796.84 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 114.45 अंक बढ़कर 24,461.15 पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों ने भी बाजार में भरोसा जताते हुए शुक्रवार को 2,769.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इस सकारात्मक माहौल के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि 25 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.98 अरब डॉलर बढ़कर 688.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो आर्थिक स्थिरता को और बल देने वाला संकेत है।
रुपये की यह मजबूती केवल संयोग नहीं, बल्कि एक व्यापक आर्थिक संतुलन और वैश्विक परिदृश्य में हो रहे बदलाव का परिणाम है। सवाल अब यह है कि क्या यह मजबूती कायम रह पाएगी, या यह एक अस्थायी राहत भर है? आने वाले हफ्ते इसका जवाब देंगे।
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