पांच हजार की घूस न दी तो फेल कर दिया?” बलिया में छात्रों का बवाल, DM ऑफिस घेरकर मांगा इंसाफ
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार कर दी है। यहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनसे O लेवल प्रैक्टिकल परीक्षा पास कराने के नाम पर 5-5 हजार रुपये की घूस मांगी गई थी। आरोप है कि जिन्होंने पैसे नहीं दिए, उन्हें जानबूझकर फेल कर दिया गया। इस खुलासे के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और छात्र न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
बलिया के बेल्थरारोड स्थित A.M.S कंप्यूटर इंस्टिट्यूट पर आरोप है कि उसने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुफ्त O लेवल कोर्स कर रहे छात्रों से अवैध वसूली का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि थ्योरी की परीक्षा तो उन्होंने अपनी मेहनत से पास कर ली, लेकिन जैसे ही प्रैक्टिकल की बारी आई, परीक्षा केंद्र द्वारा 5-5 हजार रुपये की घूस की मांग की गई।
छात्रों ने दावा किया कि पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें धमकाया गया—यह तक कहा गया कि “अगर पैसा नहीं दोगे तो फेल कर दिए जाओगे।” और जब परीक्षा परिणाम आया, तो वह धमकी सच्चाई में बदल चुकी थी। करीब 80% छात्र-छात्राएं फेल घोषित कर दिए गए। छात्रों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया अन्यायपूर्ण और सुनियोजित लग रही है।
जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर छात्रों ने पोस्टर-बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन छात्रों के तीव्र आक्रोश को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज़ हो चुकी है। बलिया का यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है और लोगों में शिक्षा तंत्र को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
क्या पांच हजार रुपये अब योग्यता से भी ऊपर हो गए हैं? क्या गरीब और मेहनती छात्रों का भविष्य ऐसे ही दबा दिया जाएगा? अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन-सा कदम उठाता है।
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