डॉ. दिनेश शर्मा ने कुंभ पर विवादित बयान दिया, कांग्रेस और यूपी चुनाव को लेकर उठाए तीखे सवाल!
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शनिवार को पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने बयान से राजनीति में हलचल मचा दी। वे जिला सहकारी बैंक सभागार में बजट पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने कुंभ के आयोजन को लेकर कुछ तीखे और विवादित बयान दिए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि “कुंभ को गाली देने वालों के लिए नर्क में जगह बची है।” उन्होंने कुंभ के महत्व को बताते हुए इसकी तुलना की और कहा, “जैसे वरुण को पवित्रता दिखती है, वहीं गिद्ध को हर जगह मांस के लोथड़े की तलाश रहती है।” उन्होंने कुंभ को लेकर लोगों की नकारात्मक टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि इस जैसे बड़े आयोजन को करना आसान नहीं है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर अमेरिका जैसे देशों का उल्लेख किया, जो कुंभ पर रिसर्च कर रहे हैं, और सवाल उठाया कि प्रदेश सरकार ने इतना बड़ा आयोजन कैसे सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस दौरान डॉ. शर्मा ने एक सवाल के जवाब में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के लिए भी टिप्पणी की, और कहा कि “प्रियंका और राहुल का कुंभ में स्वागत है, बस उनकी दृष्टि अच्छी होनी चाहिए।” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “कुंभ में स्नान के बाद उम्मीद है कि कांग्रेस को एक और वारिस मिल जाए।” साथ ही उन्होंने यूपी चुनाव में कांग्रेस के हालात पर भी टिप्पणी की और कहा कि, “यूपी चुनाव में दो लड़कों की जोड़ी आई थी, दिल्ली चुनाव में यह दोनों खो गए। आपस में इतना लड़े कि गठबंधन षडबंधन बनकर रह गया। अब इनकी वापसी होने वाली नहीं है।”
इसके बाद डॉ. शर्मा ने कुंभ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “50 करोड़ लोग कुंभ में पहुंच चुके हैं।” उन्होंने बताया कि इतने बड़े आयोजन को व्यवस्थित रूप से निपटाना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन प्रदेश की योगी सरकार ने इसे सफलतापूर्वक कर दिखाया। उन्होंने कहा कि “कुंभ में सनातन की शक्ति देख दुनिया आश्चर्यचकित है” और यह आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत करेगा।
अंत में, उन्होंने योगी आदित्यनाथ को लेकर कहा कि उन्हें “बुलडोजर बाबा” नहीं, बल्कि “अर्थव्यवस्था बाबा” कहना ज्यादा बेहतर होगा। उनके इस बयान से प्रदेश सरकार के विकास कार्यों और कुंभ के आयोजन को लेकर उनकी सकारात्मक दृष्टि का पता चलता है।
यह कार्यक्रम और डॉ. शर्मा के बयान राजनीति के गलियारों में गर्मा-गर्मी का कारण बन सकते हैं, क्योंकि उनकी टिप्पणियाँ सीधे विपक्ष और कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधती हैं।
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