April 17, 2026

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमंत कथा, मेरठ में लगे श्रद्धालुओं का तांता

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में मंगलवार को बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे। यहां वह 29 मार्च तक रहेंगे और पांच दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन करेंगे। इस कथा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, और सुरक्षा के दृष्टिकोण से 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कथा स्थल पर पहुंचे भक्तों का उत्साह देखते ही बना, और उन्होंने संत की प्रत्येक बात को श्रद्धा और ध्यान से सुना।

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान

हनुमंत कथा के दौरान बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि वह दिल्ली और मेरठ सहित ब्रजवासियों के घर-घर जाएंगे और उन्हें भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दिलवाएंगे। उन्होंने कहा, “हम गांव-गांव जाकर यह अलख जगाएंगे कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है।” इसके साथ ही उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ कोई भेदभाव न करने की बात की और कहा, “हम मुसलमानों के विरोधी नहीं हैं, भारत को आजादी दिलाने में उनका भी योगदान है। लेकिन कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।”

दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा की घोषणा

धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, “हम दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकालेंगे और पूरे देश में यह संदेश फैलाएंगे कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग चाहते हैं कि पुलिस हटाकर देश को अनियंत्रित किया जाए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया, “यह देश संविधान से चलेगा, यह देश हनुमान से चलेगा।” इसके अलावा, उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि इस देश में संतों के एक हाथ में संविधान हो और दूसरे हाथ में पुराण हो, ताकि हिंदू धर्म को संरक्षित रखा जा सके और हिंदुओं पर कोई धावा न बोला जाए।”

आयोजन स्थल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए केवल मेरठ से ही नहीं, बल्कि हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल जागृति विहार एक्सटेंशन में एक दिन पहले ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, और आयोजन स्थल पर भारी भीड़ का अनुमान था। आयोजकों ने पांच लाख श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद जताई है, और इस भव्य आयोजन की तैयारियां भी उसी अनुसार की गई हैं।

कथा के पहले दिन ही बाबा शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में यह यात्रा एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी यह कथनें न केवल उनके अनुयायियों के बीच, बल्कि पूरे देश में चर्चाओं का विषय बन गई हैं।

बाबा की बातों में गहरी श्रद्धा और विश्वास

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस कथा में एक नई धारा का प्रवाह है, जहां धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ राष्ट्रवाद का भी एक मजबूत संदेश दिया जा रहा है। देशवासियों के दिलों में हिंदू धर्म की पहचान को मजबूत करने का आह्वान करते हुए बाबा ने यह स्पष्ट किया कि देश की धार्मिक और सांस्कृतिक धारा को संरक्षित रखा जाए।

इस दौरान, श्रद्धालु बाबा की हर बात को श्रद्धा से सुन रहे थे और उनके संदेश को देशभर में फैलाने का संकल्प ले रहे थे। यही नहीं, आयोजकों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे और श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा प्रदान की जा सके।

हनुमंत कथा का उद्देश्य और संदेश

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का भी एक प्रमुख साधन बन चुकी है। उनका यह संदेश हिंदू धर्म के अनुयायियों को एकजुट करने और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने का है।

उनकी यात्रा से जुड़े इस आयोजन को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह कथा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बनेगी। भव्य आयोजन के इस पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का उत्साह साफ देखा जा सकता है, और यह यात्रा आने वाले दिनों में और भी विशाल रूप ले सकती है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!