विवाह में रुकावटें? ये खास दिन बदल सकता है किस्मत का खेल, जानिए कब और कैसे करें व्रत!
क्या आपकी या आपके घर की किसी बेटी की शादी बार-बार रुक रही है? क्या तमाम कोशिशों के बावजूद रिश्ते बन नहीं पा रहे? अगर ऐसा है तो आपके लिए एक बेहद शुभ अवसर आने वाला है, जब सिर्फ एक दिन व्रत रखकर मां दुर्गा को प्रसन्न किया जा सकता है और जीवन की सारी बाधाओं को दूर किया जा सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन जेठ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी कहा जाता है। यह तिथि मां दुर्गा की विशेष कृपा पाने का अवसर देती है। इस बार यह शुभ तिथि 3 जून को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक व्रत और मां दुर्गा की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, खासकर उन लोगों को जो विवाह में रुकावटों से जूझ रहे हैं।
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, जेठ माह की दुर्गा अष्टमी का व्रत उन कन्याओं और युवकों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिनके विवाह में बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बार दुर्गा अष्टमी का व्रत 3 जून को रखा जाएगा। इस दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना करने से न सिर्फ विवाह संबंधित समस्याएं दूर होती हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, ऋषिकेश पंचांग के मुताबिक, अष्टमी तिथि की शुरुआत 2 जून की रात 07:42 बजे से होगी और इसका समापन 3 जून की रात 08:32 बजे होगा। चूंकि व्रत उदयातिथि के अनुसार रखा जाता है, इसलिए 3 जून को ही दुर्गा अष्टमी का व्रत रखना श्रेष्ठ माना गया है।
इस दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर उन्हें लाल फूल, चावल, रोली और नैवेद्य अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ होता है। दिनभर व्रत रहकर मां से अपने कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें।
अगर आपकी जिंदगी में विवाह से जुड़ी रुकावटें आ रही हैं या कोई पुराना संकल्प पूरा नहीं हो रहा है, तो 3 जून को आने वाली दुर्गा अष्टमी आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। श्रद्धा और आस्था से किया गया यह व्रत आपके जीवन को सुख, शांति और सफलता से भर सकता है।
Share this content:
