दिल्ली विधानसभा चुनाव: केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, क्या चुनावी पारदर्शिता की होगी अनदेखी?
दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए चुनाव आयोग से पारदर्शिता की उम्मीद जताते हुए सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने बार-बार अनुरोध के बावजूद फॉर्म 17-C और हर विधानसभा में बूथों पर डाले गए वोटों का आंकड़ा अपलोड करने से मना क्यों किया है।
चुनाव आयोग पर आरोप: फॉर्म 17-C अपलोड नहीं किया गया
केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, “चुनाव आयोग ने फॉर्म 17-C और हर विधानसभा में बूथ पर डाले गए वोटों का आंकड़ा अपलोड करने से इनकार कर दिया है, जबकि हमने कई बार अनुरोध किया था।” इसके बाद आम आदमी पार्टी ने एक वेबसाइट (transparentelections.in) बनाई है, जिस पर पार्टी ने हर विधानसभा के सभी फॉर्म 17-C अपलोड कर दिए हैं। इन फॉर्म में हर बूथ पर डाले गए वोटों का पूरा विवरण दिया गया है।
कांग्रेस और बीजेपी की प्रतिक्रियाएं: क्या केजरीवाल का आरोप सही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “हम दिनभर हर विधानसभा और हर बूथ का डेटा जारी करेंगे, ताकि हर वोटर तक इस जानकारी का पहुंच सके। यह कुछ ऐसा है, जो चुनाव आयोग को पारदर्शिता के हित में करना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव आयोग ऐसा करने से इनकार कर रहा है।” केजरीवाल का यह बयान दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले आया है, जब सभी दलों की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
चुनाव परिणाम का समय: क्या AAP चौथी बार सरकार बनाएगी?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 5 फरवरी को मतदान के बाद अब शनिवार को वोटों की गिनती होगी, जो यह तय करेगा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में काबिज होगी या फिर 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनाएगी। अधिकांश एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में बढ़त का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होगी, और जैसे-जैसे परिणाम सामने आएंगे, स्थिति और भी रोचक हो जाएगी। बीजेपी ने दावा किया है कि इस बार पार्टी को 50 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को भरोसा है कि वह एक बार फिर दिल्ली की सत्ता में वापसी करेगी और अरविंद केजरीवाल चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे।
क्या चुनाव आयोग की अनदेखी से असर पड़ेगा?
चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर उठाए गए सवाल के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस विवाद का कोई असर चुनावी परिणामों पर पड़ता है। अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग के मना करने के बावजूद हर विधानसभा के फॉर्म 17-C को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है, और अब यह मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है कि यह जानकारी सभी तक पहुंचे।
सभी की नजरें दिल्ली पर: परिणाम किस दिशा में होंगे?
दिल्ली में चुनावी नतीजों के दिन सभी राजनीतिक दलों की निगाहें एक साथ केंद्रित हैं। बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सभी अपने-अपने दावे कर रहे हैं। क्या केजरीवाल के आरोप सही साबित होंगे, या चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदमों को सही ठहराया जाएगा? क्या दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी, या 27 साल बाद बीजेपी सत्ता में वापसी करेगी?
सभी सवालों के जवाब शनिवार को मिलेंगे, जब वोटों की गिनती शुरू होगी और दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर साफ होगी।
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