April 30, 2026

दिल्ली-NCR में बढ़ेगा पारा, बिहार-झारखंड में आंधी बारिश, जानें अपने इलाके का हाल

देश के अलग-अलग हिस्सों में इस समय मौसम में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं, जो आने वाले दिनों में आम जनजीवन और कृषि दोनों पर असर डाल सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आज यानी 5 जून को तेज आंधी और बरसात के साथ साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। इसके बाद 6 जून से यहां का तापमान तेजी से बढ़ना शुरू होगा और पारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह अचानक तापमान में वृद्धि राजधानी के लोगों के लिए हीट वेव जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, जो खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पानी अधिक पीने और धूप में कम निकलने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में फिलहाल बरसात का दौर खत्म होने की ओर है, लेकिन 5 जून को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, अगले कुछ दिनों में नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में तेज गर्मी का असर दिखाई देगा, जहां तापमान 5-6 डिग्री तक बढ़ सकता है। यह गर्मी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां लगातार उमस बनी रहती है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना आवश्यक होगा, जैसे हल्का और ढीला कपड़ा पहनना, बाहर निकलने से बचना और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना।

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे किसानों और आम जनता को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीकानेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभागों में आंधी-बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। हालांकि, 6 जून के बाद इन इलाकों में आंधी-बारिश के प्रभाव में कमी आएगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे गर्मी फिर से बढ़ने लगेगी।

हरियाणा में भी अगले हफ्ते तक गर्म और शुष्क मौसम का राज रहेगा, जहां तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। इस दौरान बारिश की उम्मीद कम है, जिससे यहां के लोग तेज गर्मी का सामना करेंगे। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 5 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक पूर्वोत्तर के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जो स्थानीय कृषि और जलस्तर के लिए फायदेमंद होगा, लेकिन इससे कुछ इलाकों में परेशानी भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने इन सभी इलाकों में रह रहे लोगों से आवश्यक सतर्कता बरतने को कहा है। तेज हवा और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और घरों व खेतों में सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। गर्मी बढ़ने पर धूप में रहने से बचना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। साथ ही, किसानों को अपने फसलों की देखभाल के लिए मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए ताकि वे सही समय पर जरूरी कदम उठा सकें।

यह मौसम बदलाव मानसून की दस्तक से पहले के वातावरण में हो रहे बदलावों का संकेत है, जो आने वाले दिनों में पूरे देश के मौसम पर गहरा असर डालेगा। ऐसे में सभी राज्यों के लोग मौसम विभाग की अपडेट्स पर ध्यान दें और अपने दैनिक जीवन व कार्यों को मौसम के अनुसार ढालने की तैयारी रखें। इससे न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों और कृषि पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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