दिल्ली मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस: बीजेपी विधायक दल की बैठक में होगा नाम का ऐलान, कौन बनेगा 27 साल बाद दिल्ली का नया मुख्यमंत्री?
दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों के 11 दिन बाद आज दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम पर पर्दा उठेगा। 27 साल के सियासी वनवास के बाद दिल्ली की सत्ता में लौटने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बुधवार शाम को विधायक दल की बैठक बुलाएगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला किया जाएगा। इस दौरान कई नामों की चर्चा के बावजूद, अब तक सीएम के चेहरे पर पूरी तरह से सस्पेंस बना हुआ है, जिसे बुधवार की बैठक में स्पष्ट किया जाएगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। मंच सजने लगा है और एक ओर जहां दिल्लीवासियों के बीच नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है, वहीं सीएम के नाम पर फैसला होना अभी भी बाकी है। माना जा रहा है कि बीजेपी अपने विधायक दल की बैठक में पांच चुने हुए नामों पर चर्चा करेगी, जिनमें से एक को मुख्यमंत्री पद पर बैठाया जाएगा। यह बैठक शाम सात बजे शुरू होगी और उसके बाद ही यह रहस्य सुलझेगा।
बीजेपी के अंदर सीएम के लिए मुख्य रूप से जिन नामों पर मंथन चल रहा है, उनमें आशीष सूद, अजय महावर, रविंद्र इंद्रराज, अनिल गोयल और राजकुमार भाटिया शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से इन नामों के अलावा कुछ सांसदों के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो चुका है कि मुख्यमंत्री पद के लिए विधायक ही चुने जाएंगे। इसके बाद बीजेपी नेता उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करेंगे और दिल्ली में सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करेंगे।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अहम रोल है, किस नाम पर अंतिम मुहर लगाते हैं। पीएम मोदी और अमित शाह ने हमेशा अपने फैसलों से राजनीति को चौंकाया है, इसलिए इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि बीजेपी किसी नये चेहरे को मौका दे सकती है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 48 विधायकों के साथ सत्ता हासिल की है और अब इस पार्टी को अपने नए मुख्यमंत्री का चुनाव करना है। बीजेपी के विधायक दल की बैठक में केंद्रीय टीम से नियुक्त किए गए ऑब्जर्वर मौजूद रहेंगे, जो प्रस्ताव से आलाकमान को अवगत कराएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में पार्टी के संसदीय दल की बैठक भी होगी, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हो सकती है। बीजेपी की विशेषता यह है कि वह कभी भी चौंकाने वाला फैसला कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए चेहरों को मुख्यमंत्री के रूप में उतारा है, जिससे पार्टी की रणनीतियों पर गहरे सवाल उठे हैं।
विधायक दल की बैठक के बाद बीजेपी उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करेगी और दिल्ली में नई सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करेगी। इसके बाद उपराज्यपाल राष्ट्रपति के पास प्रस्ताव भेजेंगे और फिर 20 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जहां दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री शपथ लेगा।
आखिरकार, बुधवार शाम को बीजेपी के विधायक दल की बैठक से साफ हो जाएगा कि दिल्ली की सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी, और यह निर्णय दिल्लीवासियों के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित होगा।
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