दिल्ली में महिला दिवस पर बीजेपी का ऐतिहासिक वादा: 2500 रुपये की सहायता राशि, रेखा गुप्ता ने किया ऐलान
दिल्ली में इस बार का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस खास होने वाला है, क्योंकि बीजेपी सरकार ने दिल्ली की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि 8 मार्च को महिलाओं के खातों में 2500 रुपये की सहायता राशि डाली जाएगी। यह राशि महिला समृद्धि योजना के तहत दी जाएगी, जो दिल्ली की गरीब महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय मदद प्रदान करेगी। रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करते हुए, 8 मार्च तक 100 प्रतिशत महिलाओं को यह राशि मिल जाएगी।
इस ऐलान के बाद से दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि यह कदम बीजेपी की सत्ता में वापसी के बाद महिला वोटरों को लुभाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। 27 साल बाद बीजेपी की दिल्ली में सत्ता में वापसी हुई है, और इस बार पार्टी ने महिला मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता को चुना है। महिला वोटरों पर विशेष ध्यान देने के साथ, बीजेपी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
महिला समृद्धि योजना के तहत दिल्ली की गरीब महिलाओं को यह वित्तीय मदद दी जाएगी। वहीं, गर्भवती महिलाओं को एकमुश्त 21,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों को 2500 रुपये की पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा, गरीबों के लिए एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये की छूट भी दी जाएगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में महिलाओं को साइलेंट वोटर के रूप में पहचान मिली थी, और इस बार सभी दलों ने महिलाओं को केंद्र में रखकर चुनावी वादे किए थे। बीजेपी के इस ऐलान ने महिला वोटरों के बीच पार्टी की छवि को और मजबूत किया है।
जहां रेखा गुप्ता ने इस घोषणा के साथ महिला कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही महिला वोटरों को वादा किया था कि महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। बीजेपी ने इस वादे को चुनावी सभा में भी प्रमुखता से रखा था, और अब इसे पूरा किया जा रहा है।
दिल्ली में बीजेपी की सत्ता में वापसी ने पार्टी को एक नई दिशा दी है। पार्टी ने 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी को महज 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा। बीजेपी के इस ऐतिहासिक कदम से दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ आने की संभावना है, जहां महिलाओं के लिए विशेष पहल के रूप में यह योजना एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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