दिल्ली: ठंड बढ़ते ही हार्ट अटैक के मामलों में उछाल, डॉक्टरों ने बताए चार बड़े कारण
ठंड का मौसम शुरू होते ही देश के कई हिस्सों में तापमान गिरने लगा है, और इसी के साथ हार्ट अटैक के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दी का मौसम खासकर उन लोगों के लिए खतरनाक माना जाता है, जो पहले से हार्ट की बीमारी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या मोटापे से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में गिरावट दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा सामान्य मौसम की तुलना में ज्यादा हो जाता है।
ठंड में दिखने वाले हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में हार्ट से जुड़े छोटे-छोटे लक्षणों को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सबसे आम लक्षण है छाती में दर्द, भारीपन या जकड़न, जो कंधे, पीठ या बांह तक फैल सकता है। इसके अलावा सांस फूलना, अत्यधिक थकान, हल्का चक्कर आना और अचानक पसीना आना भी खतरनाक संकेत हो सकते हैं। कुछ मरीजों में जबड़े या गर्दन में दर्द भी महसूस होता है। डॉक्टरों के मुताबिक, लोग अक्सर इन लक्षणों को गैस या कमजोरी समझकर इग्नोर कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
डॉक्टर ने बताए 4 बड़े कारण, क्यों ठंड में बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा
राजीव गांधी हॉस्पिटल में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि तापमान गिरने पर शरीर में कई बदलाव होते हैं जो दिल पर दबाव बढ़ाते हैं।
- खून की नसों का सिकुड़ना: ठंड लगने पर ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट का काम बढ़ जाता है।
- ब्लड का गाढ़ा होना: शरीर का तापमान कम होने पर खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट का खतरा बढ़ता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक की आशंका होती है।
- ऑक्सीजन की कमी: ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को ज्यादा पंपिंग करनी पड़ती है, जिससे ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ जाती है और कमजोर हार्ट वाले लोगों में जोखिम अधिक होता है।
- अचानक भारी मेहनत: बिना वॉर्म-अप के भारी व्यायाम या मेहनत करने से हार्ट पर अचानक दबाव पड़ता है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
कैसे करें बचाव? डॉक्टरों ने बताए जरूरी उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और जागरूकता से ठंड में हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शरीर को गर्म रखना, धूम्रपान से दूरी, हेल्दी डाइट, नियमित चेक-अप और वॉर्म-अप के बाद ही व्यायाम करना बेहद जरूरी है। साथ ही, अगर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या ठंड में बाहर जाने पर छाती में दर्द या सांस फूलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अगर आप या आपका कोई परिजन हार्ट से जुड़ी समस्या से जूझ रहा है, तो इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर पहचान और उपचार से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।
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