दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार शाम एक कार में हुए धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक गाड़ी रेड लाइट पर धीरे से आकर रुकी और अचानक उसमें जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास खड़ी गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और इलाके में अफरातफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह धमाका शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर हुआ। उन्होंने कहा कि एक कार जो रेड लाइट पर धीरे-धीरे आकर रुकी थी, उसी में धमाका हुआ और उसके बाद आस-पास खड़ी कई अन्य गाड़ियाँ इसकी चपेट में आ गईं। उन्होंने बताया कि मौके पर एनआईए, एफएसएल और अन्य जांच एजेंसियों की टीमें पहुंच चुकी हैं और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना भीषण था कि इलाके की दुकानों के शीशे टूट गए और जमीन तक हिल गई। कुछ लोगों ने बताया कि घटना स्थल पर चारों ओर अफरातफरी मच गई थी, लोग चीखते-भागते नजर आ रहे थे। एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके के बाद उसने सड़क पर शरीर के अंग बिखरे हुए देखे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विस्फोट की तीव्रता अत्यधिक थी। दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया।
इस हादसे के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस और एनआईए से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और स्थिति की जानकारी ली है। इस घटना के बाद यूपी, बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और पंजाब में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी राज्यों को संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाके के पीछे आतंकी साजिश है या कोई तकनीकी खराबी, लेकिन सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। खास बात यह है कि इसी दिन जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी और दो डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच किसी कड़ी की संभावना से भी इंकार नहीं कर रही हैं। दिल्ली पुलिस ने जनता से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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