दिल्ली-मुंबई: दिवाली, छठ और चुनाव के बीच ट्रेनों में उमड़ी भारी भीड़, दो यात्रियों की मौत
दिवाली और छठ पूजा के साथ-साथ बिहार चुनाव की आहट ने दिल्ली और मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर जबरदस्त भीड़ ला दी है। बिहार जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों में सीटें फुल हैं, और हर डिब्बे में यात्रियों की खचाखच भीड़ देखी जा रही है। प्लेटफॉर्म से लेकर फुट ओवरब्रिज तक सिर्फ लोगों का सैलाब दिखाई दे रहा है। त्योहारों के साथ-साथ चुनावी माहौल ने भी बिहार लौटने वालों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।
दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर हालात इतने बिगड़ गए कि यात्रियों को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि प्लेटफॉर्म पर कदम रखने तक की जगह नहीं बची है। रेलवे प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
मुंबई से बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों का भी यही हाल है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर हजारों यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए जुटे हुए हैं। अधिकांश ट्रेनों में लोगों को खड़े होकर या दरवाजे पर लटककर सफर करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रविवार सुबह मुंबई से बिहार के रक्सौल जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस से तीन यात्री नीचे गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नाशिक रोड स्टेशन के पास हुआ, और मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
रेलवे ने भीड़ को देखते हुए दर्जनों स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि ये ट्रेनें भी नाकाफी साबित हो रही हैं। हर कोई किसी तरह अपने घर पहुंचने की जल्दी में है, ताकि वे दिवाली और छठ पूजा अपने परिवार के साथ मना सकें।
त्योहारों के साथ-साथ बिहार चुनाव की गर्मी ने भी इस यात्रा को और खास बना दिया है। यात्रियों के बीच सिर्फ घर पहुंचने की ही नहीं, बल्कि अपने वोट डालने की भी चर्चा हो रही है। लेकिन इस भीड़भाड़ के बीच सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर रेलवे के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
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