दिसंबर खरमास 2025: 5 दिसंबर के बाद रुक जाएंगे सभी मांगलिक कार्य, 16 दिसंबर से लगेगा खरमास; अब सीधे फरवरी में मिलेंगे शादी के शुभ मुहूर्त
दिसंबर में सिर्फ 1, 4 और 5 तारीख को ही मिलेंगे विवाह मुहूर्त, खरमास और शुक्र अस्त होने से जनवरी में नहीं होंगी शादियां
दिसंबर का महीना शुरू होते ही शादी-ब्याह का सीजन जोर पकड़ लेता है, लेकिन इस बार शुभ कार्यों के लिए समय बेहद सीमित है. देव उठनी एकादशी से आरंभ हुए विवाह सीजन में अब केवल कुछ ही शुभ तिथियां शेष हैं. पंचांग के अनुसार, 5 दिसंबर तक ही विवाह के उपयुक्त मुहूर्त मिल सकेंगे, जिसके बाद खरमास और शुक्र ग्रह के अस्त होने से सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा. इस स्थिति का सीधा असर शादी-ब्याह के बाजारों पर दिख रहा है, जहां लोग अंतिम मुहूर्तों में जमकर खरीदारी कर रहे हैं.
नवंबर महीने में 29 और 30 तारीख को विवाह हो सके थे, जबकि दिसंबर में केवल 1, 4 और 5 दिसंबर ही शुभ तिथियां मानी जा रही हैं. 16 नवंबर को सूर्य देव का वृश्चिक राशि में प्रवेश होते ही शादी के मुहूर्त शुरू हुए थे, लेकिन आने वाले दिनों में खरमास और ग्रहों की स्थिति के कारण जनवरी 2026 में एक भी विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं होगा. इस दौरान गृह प्रवेश, नामकरण, विवाह और अन्य सभी मांगलिक कार्य स्थगित माने जाते हैं. अच्छी खबर यह है कि शादी के शुभ मुहूर्त पुनः 4 फरवरी 2026 से मिलना शुरू होंगे.
पंचांग के मुताबिक, खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2025 को तब होगी जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे. यह अवधि 14 जनवरी 2026 तक चलेगी. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि इस समय सूर्य और बृहस्पति देव से पूर्ण शुभ फल प्राप्त नहीं होते, जिसके कारण इस दौरान किए गए मांगलिक कार्य फलदायी नहीं माने जाते. इसलिए विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे कार्यों को इस अवधि में वर्जित माना गया है.
ज्योतिषीय दृष्टि से खरमास को अशुभ इसलिए माना जाता है क्योंकि इस दौरान गुरु तारा अस्त रहता है, जबकि शुभ कार्यों की सफलता के लिए सूर्य और बृहस्पति दोनों का प्रबल होना आवश्यक होता है. खरमास लगभग एक माह तक चलता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्य उतना फल नहीं देते, जितना सामान्य दिनों में मिलने की संभावना होती है. यही वजह है कि इस अवधि में सभी शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं और लोग फरवरी से पुनः नए शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा करते हैं.
खरमास लगने से पहले के सीमित विवाह मुहूर्त लोगों के लिए पूरे वर्ष की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं. बाजारों में भीड़ और बुकिंग में तेजी इसी बात का संकेत है कि लोग पांच दिसंबर से पहले अपने शुभ कार्य पूरा करने की कोशिश में लगे हुए हैं.
Share this content: