“अगर साथ नहीं रह सकते… तो साथ मर जाएंगे!” – बाराबंकी में प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मसौली थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के बाहरी इलाके में एक पेड़ से एक युवती और युवक का शव लटका हुआ पाया गया। जिस हाल में दोनों मिले, उससे साफ था कि यह कोई आम हादसा नहीं था, बल्कि एक सोच-समझकर उठाया गया खौफनाक कदम था।
मृतकों की पहचान 22 वर्षीय शिल्पा यादव और 28 वर्षीय भानु प्रताप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शिल्पा की शादी दो दिन पहले तय थी, लेकिन वह अपनी शादी की रात ही प्रेमी भानु के साथ घर से फरार हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। और फिर दो दिन बाद, गांव के एक सूनसान खेत के पास एक पेड़ से उनका शव लटका हुआ मिला।
मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें दोनों ने अपनी मर्जी से जान देने की बात लिखी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने किए पर पछतावा है, लेकिन समाज और परिवार की सख्तियों के बीच जीना उनके लिए अब संभव नहीं था। नोट की सबसे मार्मिक पंक्ति थी:
“अगर हम साथ नहीं रह सकते, तो हम साथ मरना चुनते हैं। पापा, मुझे माफ कर दीजिए।”
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस अन्य एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी प्रकार का दबाव, ब्लैकमेलिंग या मानसिक उत्पीड़न तो नहीं हुआ था।
यह घटना न केवल दो युवाओं की दुखद मौत है, बल्कि समाज के उस कठोर ढांचे की भी एक कड़वी तस्वीर है, जिसमें प्यार करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ती है। प्रेम में पनपी यह त्रासदी एक बार फिर सवाल खड़ा करती है – क्या आज भी समाज में प्रेम को स्वतंत्रता के साथ स्वीकार किया जाता है?
अब पुलिस इस केस की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, लेकिन गांव के लोगों और परिजनों के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं है।
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