April 30, 2026

वर्ल्ड क्रिकेट से ऐसे लापता हुए खिलाड़ी, जैसे कभी थे ही नहीं

इंटरनेशनल क्रिकेट में कई खिलाड़ी आते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जिनका करियर बहुत ही छोटा और अचानक गायब हो जाता है। ये खिलाड़ी आए तो, मगर कब चले गए, पता ही नहीं चला। ऐसे खिलाड़ी अक्सर सिर्फ एक-दो मैच खेलकर क्रिकेट जगत से लुप्त हो जाते हैं, और उनके करियर की कहानियाँ केवल रिकॉर्ड्स में दर्ज रहती हैं।

भारत से पंकज सिंह ऐसे ही खिलाड़ी हैं। दाएं हाथ के मीडियम पेसर पंकज ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ हरारे में वनडे डेब्यू किया। मगर उस एक मैच के बाद चार साल तक वह गायब रहे। 2014 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, इंग्लैंड के खिलाफ साउथैम्प्टन में। इसके बाद मैनचेस्टर में एक और टेस्ट खेला, और फिर क्रिकेट के बड़े मंच से हमेशा के लिए लापता हो गए। कुल मिलाकर, पंकज सिंह ने सिर्फ तीन इंटरनेशनल मैच खेले।

परवेज रसूल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं, जिनके पांव इंटरनेशनल क्रिकेट से कब उखड़ गए, पता ही नहीं चला। उन्होंने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू किया और 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ T20 में मैदान पर उतरे। इसके अलावा उनका कोई इंटरनेशनल रिकॉर्ड नहीं बन सका। उनकी उपस्थिति केवल दो मैचों तक ही सीमित रही।

पवन नेगी का इंटरनेशनल करियर भी बहुत छोटा रहा। 2016 में UAE के खिलाफ उनका डेब्यू हुआ, मगर मीरपुर में खेले गए उस एक मैच के बाद पवन नेगी कभी टीम इंडिया की जर्सी में नहीं दिखाई दिए। ऐसे खिलाड़ियों की कहानी बताती है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में टिके रहना आसान नहीं होता, और हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी लंबे समय तक सफल नहीं रह पाता।

ऑस्ट्रेलिया के पीटर फॉरेस्ट भी ऐसी ही मिसाल हैं। उन्होंने 2012 में भारत के खिलाफ 15 वनडे मैच खेले, लेकिन उसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से हमेशा के लिए गायब हो गए। इन खिलाड़ियों की कहानियाँ दर्शाती हैं कि कभी-कभी क्रिकेट में मौके मिलने के बावजूद, परिस्थितियाँ और प्रदर्शन ही करियर की लंबाई तय करते हैं।

ये सभी खिलाड़ी भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे समय तक नजर नहीं आए, लेकिन उनके छोटे-छोटे करियर की यादें हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के रिकॉर्ड्स में बनी रहेंगी।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!