लखनऊ में शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक कारोबारी और उनके परिवार से 2.54 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित को झांसे में लेने के लिए जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग का वीडियो, फर्जी ऐप और व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया। ठगी का खुलासा तब हुआ जब ठगों ने बार-बार अतिरिक्त पैसे की मांग शुरू की। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीजीआई थाना क्षेत्र के आदित्य रॉयल हाइट्स कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी अशोक कुमार मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक वीडियो देखा था। वीडियो में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही वे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिए गए। वहां मौजूद ठगों ने खुद को एक्सपर्ट बताते हुए उन्हें “CERBER INV” नामक ऐप डाउनलोड करने और उसमें खाता खोलने के लिए कहा। शुरू में जालसाजों ने ट्रेडिंग के कुछ सफल टिप्स देकर भरोसा जीता और फिर उन्हें धीरे-धीरे निवेश के लिए प्रेरित किया।
अशोक मिश्रा ने बताया कि 9 सितंबर से 30 सितंबर के बीच उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने कुल 2,54,19,000 रुपये अलग-अलग खातों से निवेश किए। इनमें पत्नी लीलावती मिश्रा के खाते से 1.55 करोड़ रुपये, बेटे गौरव मिश्रा के खाते से करीब 43 लाख रुपये, पिता रामविलास मिश्रा के खाते से 32 लाख रुपये, छोटे भाई की पत्नी निर्मला मिश्रा के खाते से 17.25 लाख रुपये और अपने स्वयं के खाते से 5.55 लाख रुपये का निवेश शामिल था। ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह रकम आईपीओ में लगाई जा रही है, जिससे शेयर का आवंटन होगा और भारी मुनाफा मिलेगा।
लेकिन कुछ ही दिनों बाद ठगों ने यह कहकर फिर से पैसे मांगने शुरू कर दिए कि निवेश के दौरान अतिरिक्त शेयर अलॉट हो गए हैं और उन्हें क्लियर कराने के लिए और रकम देनी होगी। लगातार पैसे की मांग से शक होने पर अशोक मिश्रा ने पड़ताल शुरू की। जब उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप में संपर्क करने की कोशिश की, तो सभी नंबर बंद पाए गए और ऐप भी काम करना बंद कर चुका था। तब जाकर उन्हें समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही कारोबारी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर जालसाजों का सुराग लगाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप पर निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच जरूर करें, क्योंकि इस तरह के साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं।
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