कोरोना वायरस फिर से बढ़ा रहा तेजी, नोएडा में मिले 9 नए केस, देशभर में 1000 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज
देश में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं और नोएडा में हाल ही में 9 नए संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह मामले मंगलवार को सामने आए, जिन सभी मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रखा है। इससे पहले सोमवार को नोएडा में 55 वर्षीय एक महिला कोविड-19 पॉजिटिव पाई गई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रशासन ने सैंपल टेस्टिंग बढ़ाने का आदेश दिया था। मंगलवार को एक साथ 9 नए मामले सामने आने के बाद नोएडा में कुल सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या 10 हो गई है।
नोएडा स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सतर्कता और सुरक्षा के उपाय जरूरी हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और भीड़-भाड़ से बचने की अपील की है। वहीं, अस्पतालों को भी कोविड मरीजों के लिए जरूरी तैयारियां जैसे ऑक्सीजन सपोर्ट, बेड, दवाइयां आदि दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अचानक बढ़ते मामलों का प्रभाव कम किया जा सके।
देश भर की स्थिति पर नजर डालें तो पिछले एक सप्ताह में कोविड के लगभग 1000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार तक देश में कुल 752 नए कोविड संक्रमित पाए गए हैं। इनमें केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है, उसके बाद महाराष्ट्र और दिल्ली का स्थान है। दिल्ली के पास स्थित नोएडा में मामलों का तेजी से बढ़ना इसी कड़ी का हिस्सा है।
कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही मौतों का आंकड़ा भी चिंता बढ़ा रहा है। अब तक कोविड से 7 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन मौतों का कारण केवल कोरोना था या अन्य जटिलताएं भी शामिल थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का संक्रमण अभी भी गंभीर है और इसे कम आंकना खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और प्रशासन की अपील है कि आम जनता को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना चाहिए। इसके तहत नियमित हाथ धोना, मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी बनाना और भीड़-भाड़ से बचना शामिल है। साथ ही, कोविड वैक्सीनेशन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
कोविड संक्रमण की नई लहर को देखते हुए सरकार ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने, आपातकालीन मेडिकल सुविधाओं को अपडेट करने और टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही कोरोना के बढ़ते मामलों पर नजर रखने के लिए निगरानी भी कड़ी कर दी गई है।
इस बीच विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोगों को कोविड से जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आवश्यक जांच करानी चाहिए। कोविड संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हर स्तर पर सतर्कता जरूरी है।
इस तरह, कोरोना वायरस फिर से देश में सक्रिय हो रहा है और नोएडा जैसे क्षेत्रों में मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन आम लोगों की सावधानी और सहयोग ही इस चुनौती से पार पाने की सबसे बड़ी कुंजी है।
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