कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत: मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक में पार्टी के भविष्य को लेकर अहम फैसले
कांग्रेस पार्टी में लगातार हो रहे संगठनात्मक बदलावों के बीच, अब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पदाधिकारियों को एक सख्त संदेश दिया है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में व्यापक फेरबदल की चर्चा जारी है। हाल ही में हुए संगठनात्मक बदलावों के बीच, खरगे ने अब पार्टी के नेताओं से साफ तौर पर कहा है कि वे अपने प्रभार वाले राज्यों में भविष्य के चुनाव परिणामों के लिए जिम्मेदार होंगे और दलबदलुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मुलाकात में कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के महासचिवों और प्रभारियों से मुलाकात की। इस बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी उपस्थित थे, और इसमें पार्टी के विभिन्न नेताओं ने आगामी चुनावों और पार्टी संगठन को लेकर विस्तार से चर्चा की। खरगे ने कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों को आगे लाना चाहिए, जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित हों और जो विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं।
“हमारी पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात जवाबदेही है। आप सभी अपने प्रभार वाले राज्यों के संगठन और चुनाव परिणामों के लिए जवाबदेह होंगे,” खरगे ने बैठक में स्पष्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वे दलबदलुओं से सावधान रहें, क्योंकि उनका पार्टी की विचारधारा से कोई वास्ता नहीं होता।
संविधान बचाओ अभियान और चुनावी धोखाधड़ी पर कड़ा रुख
बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने संविधान बचाओ अभियान की भी बात की, जो आगामी एक साल तक चलेगा। उन्होंने बताया कि बेलगांव में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में बढ़ती हुई राजनीतिक और संविधानिक चुनौतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
खरगे ने इस मौके पर चुनावी धोखाधड़ी का भी मुद्दा उठाया, जिसमें वोटर लिस्ट से नाम काटने और नए वोटरों को चुनावी समय में जोड़ने के आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था और यह गंभीर चिंता का विषय है। “आजकल हमारे समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाते हैं या फिर बगल के बूथ में स्थानांतरित कर दिए जाते हैं, जबकि बीजेपी के नए वोटर अचानक चुनाव के ठीक पहले जोड़ दिए जाते हैं,” खरगे ने कहा।
आर्थिक और विदेश नीति में मोदी सरकार की विफलता
कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे स्थायी मुद्दे मोदी सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं। खरगे ने कहा, “पिछले कुछ समय में, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बावजूद, अमेरिका भारतीय नागरिकों को वापसी में अपमानित कर रहा है। सरकार इस अपमान पर चुप है।” इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारतीय माल पर टैरिफ बढ़ा दिया, जबकि प्रधानमंत्री ने इसका विरोध तक नहीं किया।
संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम
मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है और इसके लिए पदाधिकारियों को खुद बूथों पर जाकर कार्यकर्ताओं से संपर्क करना होगा। “अगर आप खुद बूथ, संभाग, ब्लॉक, जिला, और राज्य स्तर पर जमीनी स्तर पर जाएंगे, तो आप नए लोगों को पार्टी से जोड़ सकेंगे,” खरगे ने कहा।
उन्होंने विशेष रूप से इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) को संगठन निर्माण में शामिल करने की बात भी की। खरगे का कहना था कि संगठन को मजबूत करने के लिए भरोसेमंद और विचारधारात्मक रूप से मजबूत लोगों को पार्टी में शामिल किया जाए।
कांग्रेस में बदलाव की हवा
इस बैठक के बाद कांग्रेस के भीतर और बड़े बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन को पुनः संजीवनी देने के लिए खरगे की रणनीति का असर आने वाले समय में पार्टी के भीतर दिख सकता है। अगर ये बदलाव सफल होते हैं, तो कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को सुधार सकती है।
कांग्रेस में हो रहे इन बड़े बदलावों से पार्टी के भीतर नई ऊर्जा आ सकती है, लेकिन इसे लागू करने में कितनी सफलता मिलती है, यह देखने वाली बात होगी। आने वाले चुनावों में इन निर्णयों का क्या असर होगा, यह वक्त ही बताएगा।
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