कोडीन युक्त कफ सिरप सिंडिकेट मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके करीबी साथी आकाश पाठक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के अनुरोध पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब दोनों आरोपियों के लिए किसी भी दूसरे देश की यात्रा करना मुश्किल हो जाएगा और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज हो गई है।
इस बीच वाराणसी पुलिस ने मामले में एक और अहम गिरफ्तारी की है। पुलिस ने शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आदित्य जायसवाल की भूमिका नेटवर्क को संचालित करने और लेन-देन में अहम रही है। इससे पहले इस केस में शुभम के पिता भोला जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के आधार पर जांच की कड़ी आगे बढ़ी है।
गौरतलब है कि कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े इस मामले ने तब तूल पकड़ा था, जब इसके सेवन से कई बच्चों की मौत की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया था। जांच में खुलासा हुआ कि बड़े पैमाने पर इस प्रतिबंधित सिरप की तस्करी और अवैध सप्लाई की जा रही थी। मामला उजागर होते ही मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और आकाश पाठक देश छोड़कर दुबई फरार हो गए थे।
वाराणसी में दोनों आरोपियों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था, लेकिन वे विदेश में छिपे रहे। इस दौरान शुभम जायसवाल ने दुबई से कई वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताते हुए जांच एजेंसियों और कुछ लोगों पर सवाल भी खड़े किए थे। हालांकि, एजेंसियों का दावा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस पूरे मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। ईडी विदेश मंत्रालय के माध्यम से शुभम जायसवाल और आकाश पाठक को दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद दोनों के प्रत्यर्पण की कवायद और तेज हो गई है, जिससे माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस हाई-प्रोफाइल मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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