May 7, 2026

उत्तराखंड: विधि-विधान से बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, CM पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों के लिए की सुख-समृद्धि की कामना

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित भगवान शिव के दिव्य धाम केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस पवित्र अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं केदारनाथ पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा का आशीर्वाद उत्तराखंड पर सदैव बना रहे और आने वाले वर्षों में राज्य और अधिक आध्यात्मिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो।

चारधाम यात्रा में बना रिकॉर्ड, बाबा केदार का आशीर्वाद बना रहे
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में अब तक के सर्वाधिक तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक रही। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सकुशल संपन्न हुई है और सभी यात्रियों ने शांति और भक्ति का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को ‘सनातन धर्म की आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य प्रदेश सरकार ने रखा है।

तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों से की बातचीत
कपाट बंद होने के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने चारधाम यात्रा को सफल बनाने में उनके सहयोग और अनुशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की देशभर में प्रशंसा हुई है। प्रदेश सरकार ने यात्रा के दौरान सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

धाम में विकास कार्यों का निरीक्षण और निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने केदारनाथ धाम परिसर में चल रहे निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ सहित चारों धामों में तीर्थाटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय स्तर पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही मानसखंड से जुड़े मंदिरों में भी व्यापक विकास योजनाएं चलाई जा रही हैं।

2026 यात्रा के लिए पहले से तैयारी शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अभी से रणनीति तैयार की जाए, ताकि आगामी यात्रा सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूर्ण की जा सकें। उन्होंने इस वर्ष की सफल यात्रा के लिए तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों, स्थानीय कारोबारियों और सभी तीर्थ यात्रियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है, बल्कि यह देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अग्रणी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

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