May 1, 2026

सीएम धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, कहा – “किसान हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने गृहक्षेत्र खटीमा के नगरा तराई गांव में खेतों में उतरकर धान की रोपाई की। इस दौरान उन्होंने न केवल पारंपरिक तरीके से रोपाई में हिस्सा लिया, बल्कि किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को भी नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेतों में काम करते हुए उन्हें अपने पुराने दिन याद आ गए। उन्होंने कहा, “हमारे अन्नदाता केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति और परंपराओं के भी संवाहक हैं।” सीएम ने भूमि, जल और छाया के देवताओं – भूमियां, इंद्र और मेघ – की पारंपरिक वंदना भी की।

इस मौके पर उन्होंने उत्तराखंड की प्रसिद्ध सांस्कृतिक विधा ‘हुड़किया बौल’ का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की सांस्कृतिक आत्मा बताया। ‘हुड़किया बौल’ कुमाऊं क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान गाया जाने वाला सामूहिक लोकगीत है, जिसमें महिलाएं गीत गाती हैं और पुरुष ‘हुड़का’ वाद्य यंत्र बजाते हैं।

सीएम धामी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं और लिखा कि यह पहल न केवल पारंपरिक लोककलाओं के संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति और किसानों की अहमियत को भी उजागर करती है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में तेजी से बदलते समय के साथ युवा पीढ़ी पारंपरिक कृषि और लोक संस्कृतियों से दूर होती जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह भागीदारी राज्य की जड़ों से जुड़ने और लोगों को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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