कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में एक और नोटिस जारी किया है। इसमें ‘यंग इंडियन’ कंपनी को किए गए फंड ट्रांसफर से संबंधित पूरा ब्यौरा, बैंक लेन-देन का उद्देश्य और इन रकम के स्रोत की जानकारी देने को कहा गया है। 29 नवंबर को जारी नोटिस के मुताबिक, उन्हें 19 दिसंबर तक ED के सामने पेश होना है या फिर लिखित रूप में सभी डिटेल्स जमा करनी होंगी।
नोटिस मिलने के बाद शिवकुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें और कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही ED को सारी जानकारी दे चुके हैं और यह कार्रवाई महज उत्पीड़न का हिस्सा है। उनका कहना है कि पैसा टैक्स के बाद दिया गया है और किसी भी संस्था को दान देने में कोई अवैधता नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ED की चार्जशीट दायर होने के बाद पुलिस द्वारा केस दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी।
नेशनल हेराल्ड मामला मूल रूप से 2013 में सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया कि ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) की करीब 988 करोड़ की संपत्तियां ‘यंग इंडियन’ ने बहुत कम कीमत पर हासिल कीं। इस कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% बताई जाती है। अब शिवकुमार से पूछताछ इसीलिए हो रही है क्योंकि उन पर ‘यंग इंडियन’ को फंड ट्रांसफर करने और उससे जुड़े दस्तावेज छिपाने का संदेह जताया गया है, हालांकि उनके करीबी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं।
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