April 17, 2026

आधी रात का कहर: एक पल में उजड़ गए 10 परिवार, चीख-पुकार से गूंज उठा प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे

शुक्रवार की रात गहराती जा रही थी, सड़क पर सन्नाटा था, लेकिन अचानक… एक जोरदार धमाका हुआ! चीख-पुकार की आवाजें रात के सन्नाटे को चीर रही थीं। राहगीर जब तक कुछ समझ पाते, तब तक प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो चुका था। तेज रफ्तार से दौड़ती बस और बोलेरो के बीच ऐसी भीषण टक्कर हुई कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। सड़क पर बिखरे शव, वाहन में फंसे लोगों की दर्दनाक चीखें, और मौके पर जमा भीड़… यह दृश्य किसी को भी झकझोर देने के लिए काफी था।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से श्रद्धालुओं का एक समूह महाकुंभ में संगम स्नान के लिए प्रयागराज जा रहा था। लेकिन किसी को क्या पता था कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी। बोलेरो में सवार सभी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ संगम स्नान का पुण्य कमाने निकले थे। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश की बस श्रद्धालुओं को संगम स्नान के बाद मीरजापुर लेकर जा रही थी। लेकिन मेजा थाना क्षेत्र के मनु का पूरा के पास अचानक दोनों वाहनों के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। बोलेरो में सवार लोग संभल भी नहीं पाए और एक झटके में उनकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

हादसा इतना भयावह था कि बोलेरो पूरी तरह चकनाचूर हो गई। शव बुरी तरह से फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोग घंटों की मशक्कत के बाद भी शवों को बाहर नहीं निकाल पाए। आखिरकार, गैस कटर मंगाया गया और कटे-फटे वाहन के बीच से शवों को निकाला गया। कई शव इतनी बुरी हालत में थे कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल था। बैग से मिले आधार कार्ड ने दो शवों की पहचान कराई – ईश्वरी प्रसाद जायसवाल और सोमनाथ दरीं, जो कोरबा, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। बाकी मृतकों की पहचान की जा रही है।

डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर सिहर उठे। बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए थे। कई शव सड़क पर इधर-उधर बिखरे हुए थे। किसी का सिर फट चुका था, तो किसी के हाथ कट गए थे। पुलिस को शवों को निकालने में तीन घंटे से ज्यादा का समय लगा।

मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान, प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आदेश दिया है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों वाहनों की रफ्तार बहुत तेज थी, जिससे यह टक्कर हुई। हालांकि, हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है। क्या यह लापरवाही का मामला था? क्या सड़क पर कोई तकनीकी खामी थी? या फिर नींद में वाहन चलाने की वजह से यह दुर्घटना हुई? इन सभी सवालों के जवाब जल्द ही जांच रिपोर्ट में सामने आएंगे।

इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। घर से तीर्थयात्रा पर निकले लोग वापस नहीं लौटेंगे, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। कोरबा में जैसे ही इस दर्दनाक खबर की सूचना पहुंची, परिवारों में मातम छा गया। रोते-बिलखते परिजन अपने प्रियजनों के आखिरी दर्शन की आस में बैठ गए।

यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है। सड़क पर लापरवाही और तेज रफ्तार किस तरह जिंदगियां निगल सकती है, यह इस दुर्घटना से साफ हो जाता है। जरूरत है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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