कायमगंज स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल्स में गन्ने की तुलाई पूरी तरह ठप होने से सोमवार सुबह से ही किसानों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली और बैलगाड़ियों में गन्ना भरकर मिल गेट पर लाइन में खड़े रहे, लेकिन घंटों इंतज़ार के बावजूद तुलाई शुरू नहीं हो सकी। किसानों का कहना है कि सुबह से लेकर दोपहर तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने बाहर आकर स्थिति स्पष्ट नहीं की, जिससे उनका धैर्य टूटने लगा। कई किसान दूर-दराज़ के गांवों से रातभर की मेहनत के बाद गन्ना लेकर पहुंचे थे, लेकिन व्यवस्था ठप होने से उन्हें मजबूरी में गाड़ियों में ही इंतज़ार करना पड़ा।
तुलाई बंद होने का सीधा असर मिल की पिराई प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। तीन दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट ने औपचारिक रूप से पिराई सत्र का शुभारंभ किया था, लेकिन मिल में कामकाज ठीक से शुरू ही नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि हर साल पिराई की शुरुआत में मिल प्रबंधन की अनियमितता देखने को मिलती है, लेकिन इस बार हालात और खराब हैं। जहां पिराई नहीं होगी, वहां तुलाई का भी कोई अर्थ नहीं बचता, और इससे पूरे गन्ना आपूर्ति चक्र पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि मिल प्रबंधन न तो पहले से किसानों को सूचना देता है और न ही मौके पर स्थिति संभालने की कोशिश करता है।
गन्ने की तुलाई न हो पाने से किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान झेलने का खतरा बढ़ गया है। लाइन में खड़ी गाड़ियों में भरा गन्ना धूप और हवा के संपर्क में आने से सूखने लगता है, जिससे उसका वजन घट जाता है। किसान बताते हैं कि अगर एक दिन भी देरी होती है, तो प्रति गाड़ी कई क्विंटल वजन कम होने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ता है। पहले से ही लागत और मेहनत बढ़ने के बाद गन्ना किसान मुश्किल हालात झेल रहे हैं, ऐसे में तुलाई ठप हो जाना उनके लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है।
मिल प्रबंधन द्वारा अभी तक इस अव्यवस्था का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। न मशीनरी खराब होने की पुष्टि की गई है, न तकनीकी खराबी की बात स्पष्ट की गई है। किसानों का कहना है कि यदि कोई दिक्कत थी, तो पहले ही सूचना दी जानी चाहिए थी ताकि उन्हें घंटों लाइन में खड़े होकर नुकसान न उठाना पड़े। कई किसानों ने बताया कि मिल में अधिकारियों से बात करना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि वे न तो फोन उठा रहे हैं और न बाहर आकर स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से मिल की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिराई सत्र शुरू होते ही तुलाई बंद होना गंभीर लापरवाही है और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि गन्ना उनकी साल भर की मेहनत का परिणाम है और अगर इसी तरह अव्यवस्था बनी रही तो उनका पूरा सीजन खराब हो जाएगा। प्रशासन ने मिल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है, लेकिन किसान चाहते हैं कि ठोस और तत्काल कदम उठाए जाएँ ताकि तुलाई और पिराई दोनों सामान्य रूप से शुरू हो सकें।
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