छांगुर बाबा के ठिकानों पर छापेमारी!
छांगुर बाबा का अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट अब धीरे-धीरे बेनकाब होता जा रहा है। यूपी एटीएस और ईडी की कार्रवाई के बाद उसके काले कारनामों की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। गुरुवार सुबह से ही छांगुर बाबा के बलरामपुर जिले में 14 ठिकानों पर छापेमारी की गई, वहीं यूपी एटीएस ने उसके भतीजे सोहराब को आज़मगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। सोहराब पर धर्मांतरण कराने का आरोप है और उसकी तलाश छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही चल रही थी।
इस पूरे मामले में पीड़िता का बयान सबसे चौंकाने वाला रहा। पीड़िता ने दावा किया कि छांगुर बाबा के गुर्गे लड़कियों के साथ गैंगरेप करते थे, उन्हें सिगरेट से जलाया जाता था और उनका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था। उसने बताया कि इस रैकेट ने एक कोडवर्ड सिस्टम भी अपना रखा था जिससे पूरी सिंडिकेट का संचालन होता था। यही नहीं, पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक 5000 हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण करवाया जा चुका है।
गुरुवार को ईडी की टीम सुबह पांच बजे से बलरामपुर जिले के अलग-अलग हिस्सों में छांगुर बाबा के ठिकानों पर एकसाथ कार्रवाई कर रही है। हुसैनाबाद गांव में अफसर प्रधान, महमूदाबाद गांव में पूर्व प्रधान, कस्बे के संतोष त्रिगुणायक और दुर्गेश त्रिगुणायक के घरों पर छापे पड़े। साथ ही छांगुर के दो प्रतिष्ठानों – आसवी कलेक्शन और बाबा ताजुद्दीन आसवी बुटीक – पर भी सघन जांच चल रही है।
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने छांगुर बाबा के पैतृक गांव रेहरा माफी में एक संदिग्ध युवक तबरोज को हिरासत में लिया है। इस गांव में छांगुर की जड़ें मानी जाती हैं और जांच एजेंसियों को यहां से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिलने की संभावना है।
फिलहाल छांगुर बाबा से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज़ कर दी गई है और एटीएस को शक है कि इस रैकेट में कई और बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। एजेंसियों की अगली कार्रवाई में और भी सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।
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