चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया के सेलेक्शन पर गंभीर विवाद, कोच और चीफ सेलेक्टर के बीच घमासान!
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया अब दुबई पहुंच चुकी है, लेकिन क्या सब कुछ ठीक है? यह सवाल तब उठता है, जब टीम के सेलेक्शन को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आमतौर पर ऐसी खबरें पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ी होती हैं, लेकिन इस बार यह बवाल भारत की क्रिकेट टीम में मचा है। हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के लिए सेलेक्शन मीटिंग के दौरान तीखी बहस होने की खबर आई है।
क्यों आमने-सामने आए गंभीर और अगरकर?
अब सवाल ये उठता है कि आखिर गंभीर और अगरकर के बीच इस तीखी बहस की वजह क्या रही? क्या कारण था जिसने दोनों को भिड़ने पर मजबूर किया? यह मामला टीम के सेलेक्शन से जुड़ा है, जिसमें कुछ खिलाड़ियों के नाम पर विवाद उठे थे। सबसे बड़ा विवाद श्रेयस अय्यर के सेलेक्शन को लेकर था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अय्यर के चयन पर गंभीर और अगरकर के विचार अलग थे। इससे दोनों के बीच तगड़ी अनबन हुई और मीटिंग में बहस तेज हो गई।
विकेटकीपर पर भी हुआ विवाद
श्रेयस अय्यर के चयन के बाद विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। इसके बाद विकेटकीपर के स्लॉट को लेकर भी गंभीर और अगरकर के बीच तीखी बहस हुई। इस मामले में दोनों के बीच तीखी तकरार उस बात पर थी कि फर्स्ट चॉइश विकेटकीपर कौन होगा? अगरकर का मानना था कि ऋषभ पंत को पहले विकेटकीपर के तौर पर चुना जाना चाहिए, जबकि गंभीर ने पहले ही यह तय कर लिया था कि केएल राहुल ही पहले विकेटकीपर होंगे।
गंभीर ने मानी अपनी बात, पंत को करना पड़ेगा इंतजार
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए प्रोविजनल भारतीय टीम का ऐलान इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले किया गया था, जिसमें अगरकर ने पंत को फर्स्ट विकेटकीपर के तौर पर चुना था। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में पंत को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बजाय केएल राहुल ने तीनों मैचों में विकेटकीपर के तौर पर खेला। इस फैसले ने गंभीर की बात को सही साबित किया और उन्होंने अपने चयन में अपनी बात मानी। यही नहीं, गौतम गंभीर ने चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भी साफ कर दिया था कि राहुल ही टीम के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज होंगे, जबकि पंत को अपनी बारी का इंतजार करना होगा।
यह विवाद टीम इंडिया के अंदर की राजनीति और चयन प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा सवाल उठाता है। क्रिकेट की दुनिया में यह चर्चा का विषय बन चुका है कि क्या चयनकर्ताओं के बीच इस तरह के मतभेद टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं?
क्या इस विवाद का असर टीम इंडिया की रणनीति पर पड़ेगा?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बहस और विवाद के बाद टीम इंडिया की रणनीति पर क्या असर पड़ता है। क्या गंभीर और अगरकर के बीच के इस घमासान से खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित होगा, या फिर टीम किसी भी दबाव से ऊपर उठकर चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने में कामयाब होगी?
इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है, और अब हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि इस विवाद के बाद भारत की टीम किस रूप में चैंपियंस ट्रॉफी में उतरेगी।
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