आज के दौर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और यह बीमारी केवल शरीर के किसी एक हिस्से को ही नहीं, बल्कि पूरे इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। कैंसर होने के बाद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है, क्योंकि बीमारी से लड़ने में शरीर की ऊर्जा लगातार खर्च होती रहती है। इसके अलावा कीमोथेरेपी, रेडिएशन और अन्य उपचार प्रक्रियाएं भी शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती हैं। ऐसे में मरीज को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है और सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर इम्यूनिटी के कारण मरीजों को बार-बार संक्रमण, थकान, कमजोरी, वजन कम होना और जल्दी बीमार पड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार मामूली सर्दी-खांसी भी लंबे समय तक ठीक नहीं होती और शरीर पहले की तरह बीमारियों से लड़ने में सक्षम नहीं रहता। यही वजह है कि कैंसर के बाद इम्यूनिटी को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है, ताकि मरीज धीरे-धीरे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सके।
मैक्स हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रोहित कपूर बताते हैं कि कैंसर के बाद इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरीजों को अपने भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। विटामिन और मिनरल से युक्त भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देता है और रिकवरी प्रक्रिया को तेज करता है। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, जिससे शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और शरीर हाइड्रेटेड रहता है।
डॉक्टरों के अनुसार पर्याप्त नींद लेने से शरीर खुद को रिपेयर करता है और इम्यून सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है। संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी दवा या घरेलू उपाय का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नियमित जांच और डॉक्टर से संपर्क में रहना मरीज की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है।
कैंसर के बाद स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज, योग या टहलना शरीर को सक्रिय बनाए रखता है और कमजोरी को कम करता है। इसके अलावा तनाव और चिंता से दूरी बनाना भी जरूरी है, क्योंकि मानसिक दबाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। ध्यान, मेडिटेशन और सकारात्मक सोच मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित दिनचर्या, स्वस्थ खानपान और नियमित चिकित्सा देखभाल के जरिए कैंसर के बाद भी बेहतर और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
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