बुलंदशहर में बैंक कर्मचारी अंकित गोयल ने होटल में की आत्महत्या, पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप
बुलंदशहर में बैंक कर्मचारी अंकित गोयल की मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। 2 अगस्त को अंकित का शव एक होटल के कमरे में मिला था। परिवार ने बताया कि अंकित लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। उनकी पत्नी ने उन पर 20 लाख रुपये की मांग की थी और न देने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। इस कारण अंकित काफी परेशान थे और अंततः उन्होंने खुदकुशी कर ली।
अंकित ने 1 अगस्त को एक होटल में कमरा बुक किया था। अगले दिन जब वह कमरे से बाहर नहीं निकले, तो होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरा तोड़कर अंदर देखा तो अंकित का शव मिला। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। जांच में पता चला कि उन्होंने जहर खाकर अपनी जान दी थी। पुलिस को मौके से एक वीडियो भी मिला है, जिसमें अंकित ने अपनी मनःस्थिति बताई थी।
अंकित की मां रूपा देवी ने कहा कि उनके बेटे ने 2017 में मैनपुरी की एक युवती से लव मैरिज की थी। दोनों बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करते थे। शादी के बाद से ही दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। जून महीने से वे अलग रहने लगे थे। अंकित की पत्नी दहेज का दबाव बना रही थी और तलाक के लिए मजबूर कर रही थी। इस तनाव ने अंकित को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चार नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूछताछ कर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या से पहले अंकित ने एक वीडियो बनाया था, जो उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने का प्रयास कर रही है।
इस दुखद घटना ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू तनाव के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों में संवाद की कमी और उत्पीड़न से लोग मानसिक दबाव में आ जाते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सही सहायता का होना बेहद जरूरी है।
बुलंदशहर की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि किस तरह हम अपने आस-पास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें और समय रहते मदद करें। परिवार और समाज को मिलकर ऐसे मामलों को रोकने की दिशा में काम करना होगा ताकि कोई और इस तरह की त्रासदी से न गुजरे।
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