संसद का बजट सत्र 2026 आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू हो गया। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप को देश के सामने रखा। यह सत्र दो चरणों में आयोजित होगा, जिसमें पहले चरण के दौरान आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और दूसरे चरण में बजट पर विस्तार से चर्चा होगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि खुशहाल किसान सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसी सोच के साथ पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने को ‘विकसित भारत’ की नींव बताया। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि गांवों का सशक्तिकरण देश की समग्र प्रगति के लिए बेहद जरूरी है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सामाजिक न्याय पर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दलितों, वंचितों, पिछड़ों और जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस दौरान ग्रामीण कानूनों और योजनाओं के जिक्र पर सदन में विपक्ष की ओर से हंगामा भी देखने को मिला।
राष्ट्रपति ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
स्टार्टअप को लेकर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया का बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। जहां एक दशक पहले देश में गिने-चुने स्टार्टअप थे, वहीं आज इनकी संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। सरकार की नीतियों और युवाओं की मेहनत से तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज ग्लोबल साउथ की एक मजबूत आवाज बन चुका है। G20, BRICS और SCO जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक मुद्दों के समाधान में और बड़ी भूमिका निभाएगा।
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