April 19, 2026

हाई ब्लड प्रेशर से बढ़ता है हार्ट अटैक और किडनी डैमेज का खतरा, बाबा रामदेव से जानें बीपी कंट्रोल करने के उपाय

हाई ब्लड प्रेशर आज की लाइफस्टाइल से जुड़ी सबसे आम लेकिन खतरनाक बीमारियों में से एक बन चुकी है। यह केवल दिल की बीमारियों को बढ़ावा नहीं देता बल्कि किडनी डैमेज, स्ट्रोक और याद्दाश्त कमज़ोर होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बनता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में करीब 20 करोड़ से ज्यादा लोग हाइपरटेंशन से जूझ रहे हैं और अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, जंक फूड और ऑयली डाइट इसका सबसे बड़ा कारण है। बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, चीज़ और टोमैटो सॉस जैसे अधिक नमक और ऑयल वाले फूड्स दिमाग में सूजन पैदा करते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोध में पाया गया कि ज़्यादा नमक खाने से दिमाग के इम्यून सेल्स एक्टिव होकर वेसो-प्रेसिन हार्मोन को बढ़ाते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह बनता है। इस वजह से खानपान पर नियंत्रण रखना बेहद ज़रूरी है।

हाई बीपी के लक्षणों में सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चिड़चिड़ापन, नसों में झनझनाहट और चक्कर आना शामिल हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है, जबकि 140/90 mmHg से अधिक होने पर यह हाई बीपी कहलाता है। लंबे समय तक अनियंत्रित बीपी आंखों की रोशनी कमजोर कर सकता है, स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है और दिल व किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।

बाबा रामदेव का कहना है कि योग और आयुर्वेद की मदद से बीपी को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी है। नमक का सेवन कम करना, रोज़ाना 30 मिनट वॉक करना, वजन नियंत्रित रखना, तनाव से दूर रहना, शराब और धूम्रपान छोड़ना तथा पर्याप्त पानी पीना सबसे अहम उपाय हैं। हालांकि हाई बीपी के मरीजों को शीर्षासन, सर्वांगासन और पावर योग जैसे कठिन आसनों से बचना चाहिए।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक उपाय भी कारगर माने जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अर्जुन की छाल, दालचीनी और तुलसी की पत्तियों को उबालकर बना काढ़ा रोज़ाना पीने से दिल मजबूत होता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है। इसके अलावा सात्विक आहार, नियमित योगाभ्यास और मेडिटेशन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। समय रहते अपनाए गए ये उपाय न केवल बीपी को कंट्रोल करेंगे बल्कि हार्ट अटैक और किडनी डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव करेंगे।

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