May 2, 2026

बीजेपी-RSS के मतभेद की अटकलों पर राम माधव ने तोड़ी चुप्पी, PM मोदी की तारीफ से दिया बड़ा संदेश

भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रिश्तों को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएँ हो रही थीं। कहा जा रहा था कि संगठन और पार्टी के बीच हाल ही में हुए फैसलों पर सहमति नहीं बन पा रही है और मतभेद गहराते जा रहे हैं। लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लगाते हुए आरएसएस के वरिष्ठ नेता राम माधव ने साफ कर दिया है कि भाजपा और संघ एक ही वैचारिक धारा से जुड़े हैं और दोनों के बीच किसी तरह की दूरी नहीं है।

राम माधव ने अपने बयान में कहा कि भाजपा और संघ का रिश्ता दशकों पुराना है। जब भी राजनीति में किसी मुद्दे पर गतिरोध बनता है, तब ऐसी अफवाहें उड़ाई जाती हैं कि दोनों संगठनों के बीच मनमुटाव है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राजनीति के क्षेत्र में काम करती है और संघ सामाजिक-वैचारिक क्षेत्र में सक्रिय रहता है, लेकिन दोनों का लक्ष्य और दृष्टिकोण हमेशा समान रहता है।

दरअसल, भाजपा द्वारा हाल ही में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा के बाद भी राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान न होना ही इन अटकलों की सबसे बड़ी वजह बना। साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत का हालिया बयान, जिसमें उन्होंने राजनीति में 75 साल का जिक्र किया, उसे भी राजनीतिक विश्लेषकों ने भाजपा-आरएसएस संबंधों से जोड़कर देखा। इसी के बाद यह चर्चा तेज हुई कि दोनों संगठनों के बीच मतभेद गहरा रहे हैं।

इन चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से अपने भाषण में आरएसएस की तारीफ की। उन्होंने संगठन के 100 साल पूरे होने पर इसे राष्ट्रहित में एक बड़ी भूमिका निभाने वाला संस्थान बताया। राम माधव ने पीएम मोदी की इस सराहना को बेहद सकारात्मक संदेश करार दिया और कहा कि यह पूरे वैचारिक परिवार के लिए गर्व का क्षण है।

अब राम माधव के इस बयान और प्रधानमंत्री मोदी के हालिया संदेश के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा और संघ के बीच किसी भी तरह की दरार नहीं है। दोनों संगठन अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए एक साझा लक्ष्य की ओर काम कर रहे हैं। फिलहाल, इन बयानों ने उन अटकलों को खत्म कर दिया है जिनमें दोनों के रिश्तों को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे।

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