इन बीमारियों की वजह से शरीर में हो सकती है कैल्शियम की कमी, समय रहते पहचानना है जरूरी
हमारे शरीर के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी मिनरल माना जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ-साथ मांसपेशियों और नसों के सही कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है तो इसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। हड्डियों में कमजोरी, शरीर में दर्द और थकान जैसी समस्याएं इसके सामान्य संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार कुछ बीमारियां भी शरीर में कैल्शियम की कमी का बड़ा कारण बन जाती हैं, इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर एल.एच. घोटेकर के मुताबिक शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव महसूस हो सकता है। कई लोगों को जोड़ों में दर्द, चलने-फिरने में परेशानी और हल्की चोट लगने पर भी ज्यादा दर्द की शिकायत होने लगती है। लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रहने पर हड्डियों से आवाज आना या बार-बार फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कैल्शियम की कमी का सबसे आम कारण विटामिन डी की कमी होती है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी होने पर कैल्शियम भी सही तरीके से शरीर में इस्तेमाल नहीं हो पाता। इसके अलावा किडनी से जुड़ी बीमारियां भी कैल्शियम के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किडनी ठीक से काम नहीं करती तो शरीर में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे कैल्शियम का स्तर कम होने लगता है।
इसके साथ ही थायरॉयड और पैराथायरॉयड ग्रंथि से जुड़ी समस्याएं भी कैल्शियम की कमी का कारण बन सकती हैं। ये ग्रंथियां शरीर में कैल्शियम के संतुलन को नियंत्रित करती हैं, इसलिए इनमें गड़बड़ी होने पर कैल्शियम का स्तर प्रभावित हो सकता है। कुछ पाचन संबंधी बीमारियां भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं, खासतौर पर ऐसी स्थितियां जिनमें आंतें भोजन से पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पातीं। इसके अलावा लंबे समय तक कुछ दवाओं का सेवन भी शरीर में कैल्शियम की कमी पैदा कर सकता है।
कैल्शियम की कमी होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है। हड्डियों में कमजोरी महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन, जोड़ों में दर्द, लगातार थकान और शरीर में कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। कई बार दांतों की कमजोरी या बार-बार दांतों से जुड़ी समस्याएं भी कैल्शियम की कमी की ओर इशारा करती हैं। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है ताकि सही समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
इससे बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है। रोजाना के भोजन में दूध, दही, पनीर, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। साथ ही विटामिन डी के लिए रोज कुछ समय धूप में बैठना भी जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर में कैल्शियम का अवशोषण बेहतर होता है। नियमित व्यायाम, एक्टिव लाइफस्टाइल और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट लेने से भी कैल्शियम की कमी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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